, अजमेर वासियों को मिली निराशा
अजमेर नितिन मेहरा रिपोर्टर पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने राज्य की भाजपा सरकार के बजट को बताया सिर्फ थोथी घोषणा का बजट पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की डबल इंजन सरकार की ओर से आज विधानसभा में पेश किए बजट को कोरी थोथी घोषणा का बजट करार दिया और धरातल पर विकास के लिए कोई योजना नहीं बनाने और आगामी विकास की कोई उम्मीद नहीं होने की बात कही। पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने बजट में अजमेर को मिली निराशा को लेकर प्रेस को जारी बयान में कहा कि आज जो राज्य की भाजपा सरकार ने जो बजट पेश किया है। इस बजट में अजमेर जिले के लिए विकास कही भी नजर नहीं आ रहा है, सिर्फ घोषणाएं की गई है। इस बजट में अजमेर जिले के लिए विकास की कोई बड़ी सौगात नहीं दी गई है, जिससे अजमेर जिलेवासियों को कोई बड़ी राहत मिली हो, अजमेर शहर और पुष्कर को सिर्फ घोषणाओं का झुनझुना थमा दिया है। यह बजट अजमेर जिलेवासियों की उम्मीदों पर किसी तरह से खरा नहीं उतरा है। राठौड़ ने कहा कि अजमेर से केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी है। अजमेर से ही विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी है और केबिनेट मंत्री सुरेश रावत है, जो भी अजमेर व पुष्कर को बजट में अपना हक नही दिला पाए।
पुष्कर में पुष्कर विकास प्राधिकरण की घोषणा होनी चाहिए थी, जो नही हुई है, यह बड़े हैरत की बात है। जगत पिता ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर के धार्मिक तथा पर्यटन के लिए बात नही की गई। कुल मिलाकर इस बजट में अजमेर वासियों को निराशा ही मिली है।
आज राजस्थान सरकार द्वारा लाए गए बजट का शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं लगता है। इस बजट से ना जनता को राहत मिली है और ना ही कोई विकास का रोडमैप बन रहा है। पिछले 10 साल से जैसा केन्द्र सरकार का बजट नीरस एवं दिशाहीन होता है। वैसे ही आज राजस्थान सरकार का बजट भी नीरस और दिशाहीन आया है। उन्होंने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि मोदीजी की गारंटी के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम की जाएंगी। परन्तु ऐसा नहीं किया गया। बल्कि हमारी सरकार की महंगाई से राहत देने वाली योजनाओं जैसे 100 यूनिट फ्री बिजली, अन्नपूर्णा राशन किट, इन्दिरा रसोई, फ्री कृषि बिजली आदि के लिए कोई बजट आंवटन नहीं किया है। यानी आने वाले दिनों में जनता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। बजट के दिन ही रोडवेज एसी बसों का किराया 10 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाकर सरकार ने अपना उद्देश्य जाहिर कर दिया है।
सरकार ने बजट में नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की DPR बनाने की घोषणा कर वाहवाही लेने का प्रयास किया है। हमारी सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को 10 करोड़ रुपये सड़कों के लिए देती थी, जिसे इस सरकार ने 5 करोड़ रुपये कर दिया है। यह दिखाता है कि ये सरकार काम में नहीं सिर्फ पैकेजिंग में भरोसा करती है।
यह आश्चर्य की बात है कि 25 लाख रुपये राशि वाली चिरंजीवी बीमा योजना की जगह पर ये सरकार 5 लाख रुपये राशि की आयुष्मान भारत योजना को लागू करना चाहती है। चिरंजीवी योजना में राजस्थान का प्रत्येक परिवार कवर था, पर आयुष्मान भारत में प्रदेश की 50% आबादी भी शामिल नहीं होगी। चिरंजीवी योजना में बड़ी संख्या में अस्पताल शामिल थे, पर आयुष्मान योजना में अस्पतालों की संख्या बेहद कम है।
OPS को लेकर भी सरकार की कोई राय बजट में नहीं आई है। केन्द्रीय वित्त मंत्री लगातार OPS का विरोध करती रही हैं, परन्तु राज्य की वित्त मंत्री ने OPS पर कोई राय नहीं रखी, जिससे राज्य के कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है। सरकार को OPS पर अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए।
