जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जयपुर के पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ता आर. आर तिवाड़ी को जयपुर शहर कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। जयपुर की सड़कों पर कांग्रेस में संघर्ष के प्रतीक रहे आर. आर . तिवाड़ी को शहर अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी का आम कार्यकर्ता खुश है। हालांकि उनका नाम अंतिम समय में तय हुआ। लेकिन वे इस दौड़ में जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय सुरेश शर्मा के जमाने से रहे हैं। लेकिन हर बार उन्हें दरकिनार करके किसी अन्य को मौका मिलता रहा। वे हर बार मन मसोस कर रह जाते थे। लेकिन वे फिर भी अब तक रहे अधिकांश नेताओँ की टीम का हिस्सा जरुर रहे। भले ही अध्यक्ष कोई भी रहा हो। अपने जोशिले भाषणों से कांग्रेस के उबाऊ और सुस्ताते कार्यकर्ताओं में उस जमाने में जोश आर. आर . तिवाड़ी के भाषणों से ही आता था। हालांकि अब तो प्रताप सिंह खाचरियावास, ज्योति खंडेलवाल , अर्चना शर्मा सहित कई नेता जोशिले भाषणों के लिए पहचाने जाने लगे हैं। लेकिन पुराने कांग्रेसी नेता जानते है। जब भी मौजूदा सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन होता था तो उसमें आर. आर. तिवाड़ी का भाषण नहीं होता तो मजा नहीं आता था। लेकिन वे हर बार सूची में वरियता पर होने के बावजूद अध्यक्ष बनते- बनते रह जाते थे। इस बार भी उनका नंबर नहीं था। पुष्पेंद्र भारद्वाज को शहर अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। लेकिन अंतिम समय में सीएम गहलोत के हस्तक्षेप से आर. आर. तिवाड़ी शहर के अध्यक्ष बनाए गए। उनके अध्यक्ष बनाए जाने से कांग्रेस के आम कार्यकर्ता खुश है। खुद तिवाड़ी का भी एक तरह का सपना ही पुरा हो गया। नहीं तो उन्हें इस बात का मलाल जरुर रहता कि उनके बाद कांग्रेस से जुड़ने वाले नेताओं ने पार्टी से लेकर सत्ता तक में सभी तरह के फायदे उठाए हैं। लेकिन उन्हें शहर अध्यक्ष तक नहीं बनाया गया। अब तिवाडी की बारी है कि वे कैसे युवाओं और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बैठाते है। क्योंकि उनके लिए पुराने और ऩए कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बैठाना जरुरी है। व्यवहार कुशल , सादगी से रहने वाले स्कूटर पर चलने वाले तिवाड़ी को अध्यक्ष बनने से कार्यकर्ताओं में किसी तरह की नाराजगी भी नहीं है। क्योंकि वे वरिष्ठ है अब तक उन्होंने कई शहर अध्यक्षों और प्रदेश अध्यक्षों को आते- जाते देखा है। ऐसे में तिवारी के सामने न तो पहचान का संकट है और न ही कार्यकर्ताओं की फौज की कमी है। ऐसे में आम कार्यकर्ता तिवारी को बधाई और शुभकामनाएं दे रहे है उन्हें लगता है कि तिवारी हवाई कार्यकर्ता नहीं होकर जमीनी कार्यकर्ता है जो आम कार्यकर्ता का ख्याल रखते हैं। उनसे मिलने के लिए किसी तरह की पर्ची की जरुरत नहीं पड़ने वाली। क्योंकि तिवारी आम कार्यकर्ता जैसे साधारण कार्यकर्ता कोई हवाई नेता नहीं है।
गोपाल मीणा ग्रामीण अध्यक्ष
कांग्रेस पार्टी ने जमवारामगढ़ विधायक गोपाल मीणा को जयपुर ग्रामीण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। गोपाल मीणा भी कॅालेज के जमाने में एनएसयूआई के कार्यकर्ता रहे हैं। एनएसयूआई से ही युवक कांग्रेस में और फिर मुल कांग्रेस में रहे हैं। शहर और प्रदेश कांग्रेस में भी पदों पर रह चुके है। दो बार विधायक रह चुके हैं। तीसरा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। ऐसे में उनकी छवि भी मिलनसार की है। वे भी आम कार्यकर्ता के सुखदुख में काम वाले नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं। ऐसे में गोपाल मीणा को ग्रामीण का अध्य़क्ष बनाए जाने पर उन्हें भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। लोगों का कहना है कि कम से कम ये नेता हवाई तो नहीं है। पार्टी के प्रति वफादार और सच्चे कांग्रेसी कार्यकर्ता को ही पार्टी ने जिम्मेदारी दी है। इसका लाभ पार्टी को जरुर मिलेगा।
