जयपुर
जयपुर ।मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि अवैध खनन, विशेषकर बजरी खनन, की रोकथाम राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई से ही प्रदेश में हो रहे अवैध खनन पर लगाम लगेगी। उन्होंने पुलिस, जिला प्रशासन, वन विभाग, परिवहन विभाग तथा खान विभाग द्वारा 5 दिवसीय संयुक्त अभियान चलाकर खनन माफिया के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शर्मा ने भविष्य में अवैध खनन की रोकथाम सुनिश्चित कराने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स गठित कर नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
शर्मा गुरूवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में खान एवं भूविज्ञान विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस, प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों से अवैध खनन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को खनन माफिया पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब सख्ती से कानून की पालना सुनिश्चित होगी, तभी अवैध खनन करने वालों में भय पैदा होगा। शर्मा ने संयुक्त अभियान के लिए कलक्टर स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स गठित कर अवैध खनन पर नकेल कसने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन तथा अन्य आधूनिक तकनीक की मदद ली जाए।
अवैध खनन पर लगेगा अंकुश, वैध खनन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रदेशभर में खनन कार्य नियमों के अनुरूप ही हो, ताकि अवैध खनन पर अंकुश लगे और वैध खनन को बढ़ावा मिले। उन्होंने नियमित रूप से खनन पट्टों की नीलामी के भी निर्देश दिए। उन्होंने खान विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन के संबंध में नियमित रिपोर्ट प्रेषित करने तथा इस संबंध में पिछले 10 दिनों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जिला कलक्टर्स को आमजन के लिए जिला स्तरीय हेल्पलाईन नम्बर जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने खान विभाग द्वारा प्रदेश में खनन गतिविधियों के माध्यम से राजस्व अर्जन, रोजगार सृजन तथा अन्य पहलुओं पर प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत पुलिस महानिदेशक यू आर साहू अतिरिक्त मुख्य सचिव की अखिल अरोड़ा अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आनंद कुमार खान विभाग की सचिव आनंदी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। संभागीय आयोग पुलिस महानिदेशक पुलिस आयु मुख्यमंत्री संरक्षक जिला कलेक्टर पुलिस अधीक्षक खनिज अभियंता आरटीओ सहित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े ।
