लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। शहर में पारंपरिक आस्था और भव्यता का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब गणगौर माता की भव्य सवारी डेढ़ करोड़ रुपये के गहनों से सुसज्जित होकर निकाली गई। सुरक्षा के लिहाज से पूरे आयोजन में हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात रहे।
यह ऐतिहासिक सवारी पिछले करीब 100 वर्षों से लगातार निकाली जा रही है। शोभायात्रा की शुरुआत लक्ष्मण मंदिर से हुई, जिसमें कुल 15 आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इनमें गौरा माता और ईसर भगवान की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिन्हें करीब डेढ़ करोड़ रुपये के आभूषणों से सजाया गया।
श्री सनातन धर्म सभा के मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि पहले यह सवारी राजपरिवार द्वारा निकाली जाती थी, लेकिन वर्ष 1966 से सभा द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान को पहनाए गए गहने बेहद कीमती और अनमोल हैं, जिनमें कुछ सभा द्वारा और कुछ सर्राफा व्यापारियों द्वारा अर्पित किए जाते हैं।
सभा के पदाधिकारी भूपेंद्र शर्मा के अनुसार, शोभायात्रा लक्ष्मण मंदिर से शुरू होकर कोतवाली, कुम्हेर गेट, अनाह गेट, बजरिया और गणेश मंदिर होते हुए पुनः लक्ष्मण मंदिर पर समाप्त हुई।
शोभायात्रा को देखने के लिए शहरभर के लोग बाजारों में उमड़ पड़े। सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर में जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं गौरा माता और ईसर भगवान की झांकी के साथ विशेष रूप से हथियारबंद पुलिसकर्मी मौजूद रहे।