लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
164 छात्रों ने भाग लेकर जताई सक्रिय भागीदारी
जयपुर, 15 दिसंबर।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को विधान सभा में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के 41 जिलों के 164 छात्रों-छात्राओं के लिए आयोजित युवा संसद का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि वे स्वतंत्र सोच रखें, अपनी आवाज़ मजबूत बनाएं और समस्याओं के समाधान सुझाएं।
देवनानी ने कहा कि युवा शक्ति बदलते भारत की दिशा में नये आयाम स्थापित कर सकती है। उन्होंने छात्रों को जीवन कौशल, वित्तीय साक्षरता और नैतिक मूल्यों के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का महत्व समझाया। स्पीकर ने कहा कि मजबूत मन और निर्णय ही जीवन में सफलता का आधार है, और युवाओं को राष्ट्र की सेवा, पढ़ाई और खेल में भागीदारी के साथ देश की उन्नति में योगदान देना चाहिए।
युवा संसद का उद्देश्य
युवा संसद के माध्यम से विधायिका ने नई पीढ़ी को राष्ट्र नीति निर्माण से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया है। विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि यह उपक्रम राज्य की विविध आकांक्षाओं का मूर्त रूप है और युवाओं में संवाद, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना विकसित करता है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सदन में युवाओं की उपस्थिति गौरव की अनुभूति करा रही है। युवाओं को संवाद और सहभागिता सीखते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
प्रस्ताव पारित
युवा संसद में छात्रों ने प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राज्य के विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ स्थापित करने, प्रशिक्षित काउंसलर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित परामर्श एवं करियर जागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव का उद्देश्य छात्रों में मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास और करियर चयन की स्पष्टता बढ़ाना और विद्यालयी वातावरण को सुरक्षित एवं सकारात्मक बनाना है।
इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल, विशिष्ट सहायक के. के. शर्मा और अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
युवा संसद ने छात्रों को न केवल नीति निर्माण से जोड़ने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें 21वीं सदी के विजेता बनने और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।