लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर: दलितों की जमीनों पर जबरन कब्जा, पुलिस की चुप्पी से पीड़ित त्रस्त
जयपुर। कानोता थाना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजेंद्र नगर कॉलोनी (हरदयालपुरा, आगरा रोड, बस्सी) में गरीब और दलित वर्ग के लोगों की जमीनों पर जबरन कब्जे की कोशिशें खुलेआम की जा रही हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते बदमाश बेखौफ नजर आ रहे हैं।
पीड़ित योगेश निर्वाण, श्रीकांत निर्वाण, सुभाष निर्वाण ने आरोप लगाया कि जगदीश शर्मा पुत्र पंचूराम शर्मा निवासी बसवा (दौसा), बाबूलाल माली निवासी रामसर (पलावाला, बस्सी) और कमल योगी पुत्र लल्लूलाल योगी निवासी रघुनाथपुरा, कानोता अपने साथ 15–20 असामाजिक तत्वों को लेकर कॉलोनी में दहशत फैलाते हैं। आरोप है कि ये लोग दलित वर्ग के खाली पड़े भूखंडों को खास तौर पर निशाना बनाकर जबरन कब्जा करने की कोशिश करते हैं।
जेसीबी से तोड़फोड़, विरोध करने पर मारपीट
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपित जेसीबी मशीन लेकर कॉलोनी में घुसते हैं, बाउंड्री वॉल और प्लेटफॉर्म तोड़ देते हैं, और विरोध करने पर मारपीट व धमकी देते हैं। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले लोग वर्षों की मेहनत से खरीदे गए प्लॉट बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
थाने में रोज पहुंचते हैं 15–20 मामले, लेकिन कार्रवाई शून्य
कानोता थाने में रोजाना 15–20 से अधिक शिकायतें पहुंचने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ितों का आरोप है कि जब वे थाने में मुकदमा दर्ज कराने जाते हैं तो अर्जी लेकर रख ली जाती है, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की जाती।
डेड घोषित सोसाइटी के फर्जी पट्टों से वसूली
पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपी रामनगर गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड (पंजीयन संख्या 2877/एल), जिसे सरकार द्वारा पहले ही डेड घोषित किया जा चुका है, उसके फर्जी पट्टे दिखाकर लोगों को डराते-धमकाते हैं और अवैध रूप से पैसे वसूलते हैं।
181 हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला
कुछ दिनों पहले जगदीश प्रसाद बैरवा, खेमचंद बैरवा, राधेश्याम बैरवा सहित कई पीड़ित परिवारों ने कानोता थाने में शिकायत दी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। लोगों का कहना है कि आरोपी सिर्फ गरीब और दलित वर्ग को ही टारगेट कर रहे हैं।
अब मुख्यमंत्री से मिलने की चेतावनी
राजेंद्र नगर कॉलोनी के निवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करेंगे।
बड़ा सवाल
क्या कानोता थाना भू-माफियाओं के आगे बेबस है?
क्या गरीब और दलितों की जमीन सुरक्षित नहीं?
पुलिस की चुप्पी किसे बचा रही है?
राजेंद्र नगर में बढ़ती गुंडागर्दी ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।