लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
निकाय चुनाव, तबादलों, आरएसएस और कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार
जयपुर | रूपनारायण सांवरिया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करती है और न्यायालय के हर आदेश का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होते ही भाजपा पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राठौड़ ने कांग्रेस के चुनाव से भागने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा ने हाल के उपचुनावों में लगभग 85 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की है, ऐसे में चुनाव से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
निकाय चुनाव और ओबीसी आरक्षण पर क्या बोले?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय वार्डों का गठन अव्यवस्थित तरीके से किया गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने व्यवस्थित किया है। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े कुछ तकनीकी मुद्दे हैं, जिनका जल्द समाधान कर लिया जाएगा। भाजपा न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए सभी प्रक्रियाएं पूरी करेगी।
तबादलों में लेन-देन के आरोपों पर पलटवार
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार में स्थानांतरण सहित सभी कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार के लेन-देन का प्रश्न ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि डोटासरा शायद अपनी सरकार के अनुभव के आधार पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार में जरूरतमंदों की प्राथमिकता के अनुसार निर्णय लिए जाते हैं और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना
आपातकाल को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर राठौड़ ने कहा कि देश ने वास्तविक आपातकाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में देखा था, जब नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन हुआ और लोगों को जेलों में डाला गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संविधान, कानून के शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
आरएसएस पर टिप्पणी को लेकर डोटासरा पर जवाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने कहा कि आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रभक्ति और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है, जबकि भाजपा एक राजनीतिक दल है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस के बारे में जानकारी के बिना टिप्पणी करना उचित नहीं है। राठौड़ ने दावा किया कि महात्मा गांधी भी आरएसएस के एक कार्यक्रम में गए थे और वहां सामाजिक समरसता के वातावरण की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है और “गोविंद सिंह डोटासरा चाहें तो आरएसएस में जा सकते हैं।”
विदेशों में भारत की छवि पर भी जताई चिंता
पत्रकारों के एक प्रश्न के जवाब में राठौड़ ने कहा कि कुछ राजनीतिक नेता विदेशों में जाकर भारत की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश से जुड़े मुद्दों को विदेशी मंचों पर उठाने के बजाय भारत के भीतर संवैधानिक और लोकतांत्रिक मंचों पर तथ्यों के साथ रखना चाहिए। उन्होंने इसे केवल प्रसिद्धि हासिल करने का माध्यम बताया।
