लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
संयम लोढ़ा ने डीजीपी राजीव शर्मा से की मुलाकात, एसआईटी जांच की मांग
सिरोही। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव शर्मा से मुलाकात कर रामझरोखा मंदिर न्यास की संपत्ति की सुरक्षा और कथित अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग उठाई।
लोढ़ा ने डीजीपी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि यह मामला केवल मंदिर की भूमि के कथित अवैध विक्रय तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी संपत्ति की सुरक्षा का विषय भी है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
एसआईटी गठन और संपत्तियों की सुरक्षा की मांग
संयम लोढ़ा ने मांग की कि पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए तथा मंदिर न्यास की सभी चल एवं अचल संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक न्यास की किसी भी संपत्ति के विक्रय, नामांतरण या हस्तांतरण पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
जांच में शिथिलता का लगाया आरोप
लोढ़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्तर से जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित एजेंसियों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनके अनुसार जांच में हो रही कथित शिथिलता के कारण आमजन में आक्रोश और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
उन्होंने मंदिर न्यास की कार्यप्रणाली में अराजकता और अनियमितताओं का भी आरोप लगाया तथा कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार ने कथित अवैध विक्रय और षड्यंत्र में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही डीजीपी से पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
फिलहाल इस मामले में पुलिस या राज्य सरकार की ओर से संयम लोढ़ा की मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
