लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बूंदी/जयपुर। (रितु मेहरा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को बूंदी कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास एवं जनहित कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को ‘नशामुक्त भारत अभियान’, राष्ट्रीय क्षय (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम तथा नल जल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के लिए नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
बैठक में राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार के नशामुक्त भारत अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लागू किया जाना चाहिए। इसकी शुरुआत सरकारी विभागों से होनी चाहिए ताकि अधिकारी और कर्मचारी स्वयं मादक पदार्थों से दूर रहकर समाज के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों और महाविद्यालयों में नियमित रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएं और विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है और उसे नशे की गिरफ्त से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान को केवल स्कूलों तक सीमित न रखकर गांव-गांव तक पहुंचाया जाए तथा इसमें महिलाओं और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
‘टीबी मुक्त बूंदी’ बनाने का लक्ष्य
राष्ट्रीय क्षय (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनका तत्काल उपचार शुरू किया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, डोर-टू-डोर सर्वे और स्क्रीनिंग अभियान तेज करने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि ‘टीबी मुक्त बूंदी’ के लक्ष्य को लेकर सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने मरीजों को निःशुल्क दवा के साथ ‘निक्षय मित्र’ योजना के माध्यम से नियमित पोषण किट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
नल जल योजना की भी समीक्षा
बैठक के दौरान राज्यपाल ने नल जल कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।