लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। छात्र आंदोलन के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई जारी रहने का आरोप लगाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में दीपके ने कहा कि यदि आंदोलन में शामिल छात्रों को प्रताड़ित करना बंद नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो देश का युवा सरकार बदलने की ताकत रखता है।
दीपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे थे, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे अपराधी या आतंकवादी हों। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और हिंसा से युवाओं में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ा है।
उन्होंने कहा, “जब युवा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिला सकते हैं, तो सरकार भी बदल सकते हैं। यह आक्रोश केवल एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के खिलाफ है।”
“चेहरा बदला, सोच नहीं”
36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव पर भी दीपके ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार ने केवल शिक्षा मंत्री का चेहरा बदला है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं किया।
उन्होंने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गई है, जिनका नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। उनके अनुसार इससे युवाओं के बीच गलत संदेश जाएगा।
पेपर लीक कानून पर भी उठाए सवाल
दीपके ने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया पेपर लीक विरोधी कानून पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार कानून में पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई की व्यवस्था तो है, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी प्रावधान नहीं किए गए हैं।
उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के विश्वास की बहाली के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजे की मांग
दीपके ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुआवजा देने में नियमों का हवाला दे रही है, जबकि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए संसाधन तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं।
“बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया गया”
अभिजीत दीपके ने यह भी दावा किया कि उन पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया गया तथा उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान उनके सहयोगियों को भी परेशान किया गया।
हालांकि महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि दीपके के पास कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें।
राजनीतिक दल नहीं, दबाव समूह के रूप में करेगा काम सीजेपी
दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को राजनीतिक दल बनाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन छात्रों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला एक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करता रहेगा और जनहित के मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगा।













































