लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत चयनित राजस्थान के ‘माय भारत स्वयंसेवकों’ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा यह अनुभव युवाओं में देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता को और अधिक मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के युवाओं का चयन राज्य के लिए गर्व का विषय है। देशभर से चयनित 100 युवाओं के दल में राजस्थान के 15 प्रतिभाशाली स्वयंसेवक शामिल होकर हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में विभिन्न राष्ट्र निर्माण एवं जनजागरूकता गतिविधियों में भाग लेंगे।
सीमावर्ती क्षेत्रों में मिलेगा प्रत्यक्ष अनुभव
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये स्वयंसेवक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों के साथ कार्य करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों, जनजीवन, संस्कृति एवं विकास आवश्यकताओं को निकट से समझेंगे। यह अनुभव उन्हें राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को सेवा, समर्पण और अनुशासन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे भविष्य में समाज और देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे राजस्थान के युवा
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के ये स्वयंसेवक न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे, बल्कि राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का भी प्रभावी प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम से लौटने के बाद वे अपने अनुभवों के आधार पर राज्य में सामाजिक जागरूकता और युवा सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया से हुआ चयन
यह चयन ‘माय भारत पोर्टल’ पर आयोजित ‘विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज क्विज’ के माध्यम से किया गया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से 2.59 लाख युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से राजस्थान के 16 हजार से अधिक युवाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इनमें से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 15 युवाओं का चयन इस विशेष कार्यक्रम के लिए किया गया।
प्रशिक्षण और प्रवास कार्यक्रम
चयनित स्वयंसेवक 3 जून से रिकांगपिओ स्थित आधार शिविर में अनुकूलन प्रक्रिया से गुजरेंगे, जो 5 जून तक चलेगी। इसके बाद 6 से 12 जून तक ये स्वयंसेवक हिमाचल प्रदेश के 20 चिन्हित सीमावर्ती गांवों में प्रवास करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों को समझेंगे तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अनुशासन और राष्ट्रसेवा के भाव को निकट से अनुभव करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और राजस्थान के युवा इस दिशा में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।













































