लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कुड़ी थाने का SHO व रीडर निलंबित, IPS अधिकारी करेंगे जांच
जोधपुर। कुड़ी भगतासनी थाने में अधिवक्ता से अभद्र व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ा तो राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रूख अपनाया। बुधवार दोपहर लंबी सुनवाई और वार्ता के बाद पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने थानाधिकारी हमीर सिंह और उनके रीडर नरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। मामले की जांच अब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे।
हाईकोर्ट का रुख: पुलिस को ‘व्यवहार प्रशिक्षण’ की जरूरत
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायाधीश बी.एस. संधू ने कहा—
-
पुलिस अधिकारी को तुरंत थाने से हटाया जाए।
-
पुलिस को जनता, फरियादी और अधिवक्ताओं से संवाद का सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।
-
लिखित आदेश नहीं, पर उम्मीद है कि सेवा नियमों के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
अधिवक्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य और दिग्विजय सिंह जसोल ने पैरवी कर सख्त कार्रवाई की मांग रखी।

तीन घंटे की वार्ता, फिर हुई कार्रवाई
हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद पुलिस कमिश्नर पासवान, हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच तीन घंटे तक वार्ता चली। इसके बाद SHO व रीडर के निलंबन की औपचारिक घोषणा हुई। साथ ही पुलिस कर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दिलाने का निर्णय भी लिया गया।
घोषणा के तुरंत बाद वकीलों ने अपना कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया।
क्या था मामला?
-
अधिवक्ता भरत सिंह अपने क्लाइंट के साथ बयान देने थाने गए थे।
-
बिना वर्दी वाले कांस्टेबल ने आधार कार्ड मांगा, अधिवक्ता ने आपत्ति जताई।
-
इसी पर SHO हमीर सिंह ने अधिवक्ता से अभद्रता करते हुए पुलिसकर्मियों को उन्हें शांतिभंग में अंदर करने को कहा।
-
अधिवक्ता को कमरे में बैठा दिया गया, जिसके बाद वकील संगठनों में आक्रोश फैल गया।
-
रात में थाने पर धरना, अगले दिन हाईकोर्ट व अधीनस्थ अदालतों में वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया।
-
अधिवक्ता संगठन पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे।
कमिश्नर का आश्वासन
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि घटना गंभीर है, इसलिए तुरंत कार्रवाई की गई है और आगे भी सेवा नियमों के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।