लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और प्रवासी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
जयपुर ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमण्डल बैठक में राज्य के प्रशासन, व्यापार, निवेश और पर्यटन को नई दिशा देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश–2025, प्रवासी राजस्थानी नीति–2025, राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी–2025 और राजस्थान पर्यटन नीति–2025 प्रमुख हैं।
जन विश्वास अध्यादेश 2025: 11 अधिनियमों से हटेगा कारावास, पेनल्टी से होगा निपटारा
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि छोटे उल्लंघनों पर अब जेल नहीं होगी।
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11 अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हटाए जाएंगे।
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वन भूमि में अनजाने चराई, पानी की बर्बादी, दस्तावेज न प्रस्तुत करने जैसे मामूली मामलों में अब केवल जुर्माना।
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इससे ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और वादकरण में कमी आएगी।
एनआरआर पॉलिसी 2025: प्रवासी राजस्थानियों से मजबूत होगा जुड़ाव
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निवेश, व्यापार, शोध और सामाजिक सरोकारों में प्रवासी राजस्थानी अब बड़ी भूमिका निभा सकेंगे।
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एनआरआर इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन सेल, इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी काउंसिल, ग्लोबल यूथ कनेक्ट, डायस्पोरा डेटाबेस जैसी पहल शामिल।
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प्रवासी राजस्थानी दिवस एवं सम्मान समारोह भव्य रूप में आयोजित होंगे।
ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025: छोटे व्यापारियों को ई–कॉमर्स जैसी सुविधाएं
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प्रदेश के 10.5 लाख रिटेल व्यापारी आधुनिक बाजार अवसरों से जुड़ेंगे।
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एमएसएमई को ऋण, डिजिटल बाजार, आसान लाइसेंसिंग मिलेगी।
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दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम में शिथिलता लाने पर विचार।
पर्यटन नीति 2025: राजस्थान बनेगा वैश्विक पर्यटन केंद्र
नई नीति में—
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निजी निवेश को प्रोत्साहन
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धार्मिक पर्यटन मार्ग, शौर्य सर्किट, बर्ड वॉचिंग सर्किट
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लाइट–साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग
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ई–व्हीकल टूर, ट्रेवल कार्ड
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स्पेशल टूरिज्म ज़ोन (STZ) का विकास
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24×7 टूरिस्ट हेल्पलाइन, पैनिक बटन सुरक्षा प्रणाली
जैसे प्रावधान शामिल हैं।
किशनगढ़ एयरपोर्ट को मिलेगी 15 एकड़ अतिरिक्त भूमि
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900 मीटर एप्रोच लाइट सिस्टम स्थापित होगा।
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कोहरे और रात में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव।
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पर्यटन और रोजगार में बढ़ोतरी।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले
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अनुकम्पा नियुक्ति की समय सीमा 90 से बढ़ाकर 180 दिन।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की आरक्षित सूची अब 6 माह नहीं, 1 वर्ष मान्य।
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मोटर वाहन उप निरीक्षक पद के लिए उच्चतर योग्यता वाले अभ्यर्थी भी पात्र।
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मृत सैनिकों, कोविड–प्रभावित परिवारों आदि से जुड़े प्रावधानों को सेवा नियमों में सम्मिलित किया गया।
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विभागीय पदोन्नति समिति गठन के नियमों में संशोधन का मार्ग साफ।