Home latest स्वर्ण काया योग क्लब का भव्य उद्घाटन

स्वर्ण काया योग क्लब का भव्य उद्घाटन

0

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

समाजसेवी डॉ. आलोक शर्मा ने रिबन काटकर किया शुभारंभ, योग व प्राकृतिक जीवनशैली को मिलेगा बढ़ावा

भरतपुर।
शहर में स्वास्थ्य, योग और प्राकृतिक जीवनशैली को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से रविवार को स्वर्ण काया योग क्लब का भव्य उद्घाटन समाजसेवी डॉ. आलोक शर्मा के करकमलों से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डॉ. कुलदीप शर्मा उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सलाहकार डॉ. अविनाश सोनी ने बताया कि स्वर्ण काया योग क्लब में हर उम्र वर्ग के लिए लाभकारी योग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्लब में एडवांस योगा, अष्टांग योग, हठ योग, मेडिटेशन, साधना, जुंबा क्लास और डांस क्लास जैसी गतिविधियाँ संचालित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से समाज में योग के प्रति जागरूकता और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक रुझान बढ़ेगा।

कार्यक्रम का आकर्षण उस समय बन गया जब कीर्ति ने अपने माथे पर जलता हुआ दीप रखकर अनूठा दीप योग प्रदर्शन किया। वहीं जेसी चौधरी द्वारा प्रस्तुत जुंबा डांस ने दर्शकों में उत्साह का संचार कर दिया। डॉ. अविनाश सोनी ने ध्यान (मेडिटेशन) के लाभ बताते हुए कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन को भी सशक्त बनाता है।

मुख्य अतिथि डॉ. आलोक शर्मा ने कहा, “योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया को प्रेरित कर रही है। स्वर्ण काया योग क्लब के माध्यम से अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ।” विशिष्ट अतिथि डॉ. कुलदीप शर्मा ने कहा, “योग से तन, मन और आत्मा तीनों स्वस्थ रहते हैं, और इससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।”

कार्यक्रम में डॉ. राजकुमार शर्मा, डॉ. कृष्णा शर्मा, डॉ. कनिष्का शर्मा, मीनू गुप्ता, सी.एस. कृष्णा, योग साधक, महिलाएँ और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए और क्लब की स्थापना को समाजहित में लाभकारी बताया।

समारोह का संचालन गरिमामय माहौल में हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्ण काया योग क्लब आने वाले समय में शहरवासियों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवनशैली में सुधार लाने में मील का पत्थर साबित होगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version