लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ग्रामीणों की शिकायत पर नाप-जांच, जीर्णोद्धार कार्य फिलहाल रुका
रियाँबड़ी (नागौर)। रियाँबड़ी उपखंड की ग्राम पंचायत कोड में सार्वजनिक बस स्टैंड भवन के जीर्णोद्धार को लेकर भूमि अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर भूमि की नाप-जांच करवाई, जिसके बाद फिलहाल जीर्णोद्धार कार्य रोक दिया गया है।
ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद तहसीलदार भेरूंदा ने संबंधित भूमि की नक्शे के अनुसार जांच एवं नाप के आदेश दिए। इसी क्रम में 26 दिसंबर 2025 को आलनियावास के राजस्व निरीक्षक चैनाराम एवं हल्का कोड के पटवारी सुरेश गुर्जर मौके पर पहुंचे और नाप की कार्रवाई की।
नाप के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खसरा संख्या 371 (रकबा 0.04 हेक्टेयर), जिस पर कब्जा होने की शिकायत की गई थी, वह हिस्सा मौके पर नहीं पाया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सरजू देवी पत्नी रामनिवास जाट द्वारा जिस भूमि पर कब्जा किए जाने का प्रयास बताया जा रहा है, वह अन्य स्थान पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी भूमि को निजी बताकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्ष 1980 में ग्राम पंचायत कोड, आलनियावास से पृथक हुई थी और उसी समय ग्राम पंचायत भवन का निर्माण हुआ। वर्ष 2003 में तत्कालीन सरपंच कैलाश चंद्र जोशी एवं विधायक रिछपाल सिंह मिर्धा के कार्यकाल में सार्वजनिक बस स्टैंड का निर्माण करवाया गया था। बस स्टैंड परिसर के पीछे उप-स्वास्थ्य केंद्र भी स्थित है।
90 वर्षीय बुजुर्ग रामकरण कमेडिया ने बताया कि यह भूमि शुरू से ही सरकारी रही है और उनके ज्ञान में इस भूमि पर किसी प्रकार का पट्टा या खातेदारी नहीं है।
मौके पर उपस्थित सरपंच प्रशासक दौलतराम, छोगाराम, भेरूसिंह, चौथाराम, हाबूराम, लक्ष्मणराम, कैलाशराम, सुखाराम, सियाराम, छोटूराम, नाथूराम, श्यामसुंदर, श्रवणराम सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि यदि किसी अधिकारी द्वारा सरकारी भूमि पर फर्जी खातेदारी आवंटित की गई है तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
भूखंड के पड़ोसी पुखराज तेतरवाल एवं हरिराम ने भी बताया कि उनके अनुसार यह भूमि सरकारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी उक्त व्यक्ति द्वारा दीवार निर्माण का प्रयास किया गया था, जहां पुरानी एफएससीएल (कृषक सेवा सहकारी संस्था) की दीवार मौजूद है। इस संबंध में दिनांक 2 नवंबर 2020 को थांवला कृषक सेवा सहकारी संस्था द्वारा थांवला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रुकवाया गया था। बावजूद इसके पुनः निर्माण का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस विवाद के चलते सार्वजनिक बस स्टैंड भवन का जीर्णोद्धार कार्य फिलहाल बाधित हो गया है। प्रशासन द्वारा की जा रही आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
