लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर (नितिन मेहरा)। तीर्थराज पुष्कर स्थित ब्रह्म सावित्री वेद विद्यापीठ के तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह एवं वार्षिक महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। दीक्षांत समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यापीठ पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा उन्होंने मृत्युंजय महादेव के दर्शन कर विधिवत पूजन-अर्चन किया।
राज्यपाल बागड़े ने अपने संबोधन में कहा कि वेद जीवन जीने का संविधान हैं, जो मानव को आदर्श आचरण, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की दिव्य अनुभूतियां वेद मंत्रों के रूप में अभिव्यक्त हुई हैं और श्रुति परंपरा से पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित की गई हैं। उन्होंने गुरुकुल परंपरा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ऐसे संस्थान भारत की आत्मा को पुनः जागृत कर रहे हैं।
उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन शिक्षाकेंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत प्राचीन काल से ही ज्ञान का केंद्र रहा है। वैदिक शिक्षा से युक्त युवा उच्च पदों पर आसीन होकर समाज को सही दिशा दे सकते हैं और भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है।
राष्ट्रीय संत स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज ने कहा कि पुष्कर की पावन भूमि पर यह आयोजन सनातन चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि विजय एकादशी के दिन 36 वर्ष पूर्व इस प्रतिष्ठान की स्थापना की गई थी। वेदों को सर्वहितकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल वेदों में निहित है।
विद्यापीठ के अध्यक्ष आनंद राठी ने इसे वेद संरक्षण एवं संस्कार निर्माण का महाअभियान बताया। सचिव संदीप झवर ने कहा कि एक कमरे से शुरू हुआ यह संस्थान आज विशाल स्वरूप ले चुका है। 22 दिवसीय शुक्ल यजुर्वेद घन पारायण पूर्ण करने वाले 12 घनपाठियों को दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया गया। गुरु प्रशांत, विजय भालेराव और निखिल भालेराव का भी विशेष सम्मान हुआ।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़, पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र सिंह, जिला कलेक्टर लोकबंधु, जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा सहित अनेक अधिकारी, संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।