लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कामखेड़ा छान जीएसएस क्षेत्र में एक सप्ताह से अघोषित कटौती, पेयजल, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाएं प्रभावित
झालावाड़ |
झालावाड़ जिले के कामखेड़ा छान जीएसएस क्षेत्र से जुड़े दर्जनों गांवों में पिछले एक सप्ताह से जारी अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 25 वर्ष पुरानी जर्जर विद्युत लाइन बार-बार फॉल्ट और स्पार्किंग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उमस भरी गर्मी के बीच रातभर बिजली गुल रहने से बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और मरीज सबसे अधिक परेशान हैं। लगातार बिजली कटौती के चलते कई घरों के इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं, जबकि बार-बार ट्रिपिंग से घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा बना हुआ है।
पेयजल संकट गहराया
बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर पेयजल योजनाओं पर पड़ा है। नलकूप और मोटरें बंद रहने से कई गांवों में पानी की टंकियां नहीं भर पा रही हैं। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है और महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ऑनलाइन सेवाएं और पढ़ाई प्रभावित
ई-मित्र संचालक सैफ अली खान ने बताया कि बिजली कटौती के कारण पेंशन, जनआधार, किसान पंजीयन, बिल जमा सहित अधिकांश ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों को बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है।
वहीं सरकारी विद्यालयों में बिजली नहीं रहने से पंखे बंद हैं और स्मार्ट क्लास सहित डिजिटल शिक्षण गतिविधियां ठप हो गई हैं। ग्राम सेवा शिविरों और अन्य सरकारी कार्यालयों में भी ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
किसान संघ अध्यक्ष रंगलाल मीणा ने कहा कि पुरानी बिजली लाइन बदलने की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कामखेड़ा एक प्रमुख धार्मिक एवं तीर्थ स्थल होने के बावजूद बिजली व्यवस्था की लगातार अनदेखी की जा रही है।
व्यापार संघ अध्यक्ष माणकचंद मीणा ने कहा कि लगातार बिजली कटौती से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। डिजिटल भुगतान और बिलिंग जैसी सेवाएं प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर भी जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाते।
समाजसेवी राजकुमार राजपुरोहित ने कहा कि पूरी रात बिजली नहीं रहने से इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीण सत्यनारायण सुमन ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वयं फॉल्ट सुधार में सहयोग के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जर्जर बिजली लाइन को शीघ्र बदलने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।