लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां।
कस्बे व आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों पेड़ों पर मकड़ी के जाल जैसा दिखाई देने वाला पीला जाल वास्तव में अमरबेल (अंबर बेल) है, जिसे आरोही बेल भी कहा जाता है। यह पौधा पेड़ों पर निर्भर रहकर पोषण ग्रहण करता है और पेड़ के सूखने पर स्वयं भी नष्ट हो जाता है।
अमरबेल को संस्कृत व आयुर्वेद में अत्यंत गुणकारी व पूजनीय माना गया है। इसकी जड़ों का उपयोग नए मकान निर्माण, हवन, पूजन तथा अन्य शुभ कार्यों में किया जाता है।
आयुर्वेदिक लाभ :
अमरबेल की जड़ें—
• पाचन सुधार
• लिवर स्वास्थ्य
• हड्डियों की मजबूती
• बाल व त्वचा समस्याओं का समाधान
• एनीमिया में लाभ
• दर्द निवारक गुण
• हृदय रोगों की रोकथाम
साथ ही यह पौधा भगवान शिव और विष्णु की पूजा में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।