लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। उनियारा उपखंड क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में भगवान पार्श्वनाथ का ज्ञान कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा और सन्तु जैन ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर हैं। उनका जन्म वाराणसी में राजा अश्वसेन और रानी वामादेवी के घर पौष कृष्ण एकादशी को हुआ था। उन्होंने 30 वर्ष की आयु में गृह त्याग कर 83 दिन की कठोर तपस्या के बाद कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया और 100 वर्ष की आयु तक धर्म प्रचार करते हुए सम्मेद शिखर से मोक्ष प्राप्त किया।
इस अवसर पर शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में सर्वप्रथम मंगलाष्टक के साथ नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। वार्षिक शांतिधारा रमेशचंद, रौनक सर्राफ (जयपुर) द्वारा की गई, जबकि पांडुशिला पर प्रथम शांतिधारा कमल कुमार मेडिकल वाले (उनियारा) और द्वितीय शांतिधारा कमल कुमार एवं हेमू कुमार कंसल परिवार (बनेठा, उनियारा) द्वारा संपन्न हुई।
इसके बाद देव-शास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मूलनायक पूजा तथा पार्श्वनाथ भगवान की पूजा कर ज्ञान कल्याणक महामहोत्सव मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं मनोज जैन (बनेठा) ने बताया कि शाम 7 बजे प्रथम श्रेष्ठी परिवार रमेशचंद्र, रजत कुमार, अमन कुमार (अलीगढ़) तथा द्वितीय श्रेष्ठी विमल कुमार, सचिन कुमार, दिव्यांश कुमार (नगर फोर्ट) के सान्निध्य में शनिवार भक्तामर मंडल उनियारा द्वारा भक्तामर दीपार्चना कार्यक्रम श्रद्धा के साथ संपन्न किया गया।
















































