लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) – आरजिया स्थित निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को दिल्ली की ज्ञान प्रचारक बहिन संत अनिता वाधवा के सानिध्य में महिला संत समागम का आयोजन किया गया।
समागम में उपस्थित संतो को संबोधित करते हुए संत अनिता वाधवा ने कहा कि नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी है। महिलाएं न केवल घर के कार्यों में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करती हैं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में भी सराहनीय योगदान कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्संग में ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति से मन में समाए कुविचार और नकारात्मक भावनाएँ दूर होती हैं, जिससे जीवन सवारने लगता है और खुशियों की सौगात मिलती है।
संत वाधवा ने बताया कि मनुष्य का अहंकार और गुस्सा जीवन में अशांति और संकट उत्पन्न करता है, लेकिन सत्संग और सिमरण से मन निर्मल होता है और सभी सुख स्वतः प्राप्त होने लगते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों को सच्चे मन से प्रभु परमात्मा से जुड़ने और गुरु द्वारा बताए मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा दी।
समागम में जोनल इंचार्ज बृजराज सिंह ने कहा कि सत्संग आत्मा और परमात्मा के मिलन का मार्ग है, और सभी प्राणीमात्र को सत्संग से जुड़कर स्वयं को निर्मल और धन्य बनाने का अवसर प्राप्त होता है।
महिला संत समागम में भीलवाड़ा, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, कुंजपुर, गुलाबपुरा, आसींद, शाहपुरा और मंडलगढ़ सहित विभिन्न गांवों और शहरों से संतो ने भाग लिया। उन्होंने गीत, भजन, विचार और कविताओं के माध्यम से सत्संग में उपस्थित लोगों को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सेवा दल का विशेष योगदान इस आयोजन में देखने को मिला, जिन्होंने समागम की व्यवस्थाओं और कार्यक्रम संचालन में अहम भूमिका निभाई।
