लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
दिव्यांग बच्चों के लिए नए महाविद्यालय भवनों का शिलान्यास
जोधपुर/जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जोधपुर में पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय के नवीन महाविद्यालय भवन, बॉयज हॉस्टल और गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास किया। समारोह में उन्होंने कहा कि समाज में सेवा कार्यों से जुड़ना न केवल समाज को प्रेरित करता है, बल्कि दिव्यांग बच्चों के जीवन में भी उम्मीद जगाता है।
दिव्यांगों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में पूरे देश में “विकलांग” शब्द की जगह “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग शुरू किया, जिससे दिव्यांगजनों के प्रति समाज का नजरिया बदला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा यह संदेश दिया है कि ईश्वर ने किसी को कुछ नहीं दिया तो उसे विशेष क्षमताएँ दी हैं, और इन्हीं क्षमताओं के आधार पर दिव्यांग राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकते हैं।
महाविद्यालय के विकास पर जोर
शाह ने बताया कि महाविद्यालय में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से तीन नवीन भवनों का शिलान्यास किया गया है। सुशीला बोहरा ने नेत्रहीन बच्चों के लिए 5 विद्यालय, 2 महाविद्यालय और निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, ऑडियो बुक्स, ब्रेल प्रिंटिंग प्रेस, स्क्रीन रीडर और कम्प्यूटर लैब जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के पूर्व छात्र अब सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और सर्वोच्च न्यायालय में वकालत भी कर रहे हैं।
खेलों में दिव्यांग प्रतिभाओं को बढ़ावा
शाह ने कहा कि पिछले तीन पैरालंपिक में भारत ने 52 पदक जीते, जबकि 1960 से 2012 तक केवल 8 पदक मिले थे। उन्होंने पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता देवेन्द्र झाझड़िया का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार ने दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच देने के लिए विशेष प्रयास किए हैं।
दिव्यांगजनों के लिए सरकारी प्रयास
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दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट बढ़ाकर 338 करोड़ रुपये से 1313 करोड़ रुपये किया गया।
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सुगम्य भारत अभियान के तहत 1314 भवनों में 563 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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35 अंतर्राज्य और 55 घरेलू हवाई अड्डे दिव्यांगों के लिए सुगम्य बनाए गए।
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पिछले 10 वर्षों में 31 लाख लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजनों का जीवन सरल, सहज और स्वाभिमानी हो। उन्होंने महाविद्यालय के नए भवनों को दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया।
समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
कार्यक्रम में न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय संदीप मेहता, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सुशीला बोहरा, भामाशाह मोतीलाल ओसवाल और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
शाह ने नेत्रहीन विकास संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष सुशीला बोहरा की जीवनी ‘मैं न थकी न हारी’ का ब्रेल संस्करण भी विमोचित किया।