भरतपुर में न्यायिक कर्मचारी दूसरे दिन शनिवार को सामूहिक अवकाश पर,
2 साल पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अनुमोदन पत्र जारी किया
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राजेंद्र शर्मा जती की रिपोर्ट
भरतपुर। भरतपुर एवं डीग जिले के न्यायालयों में कार्यरत सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर हैं। दूसरे दिन शनिवार को भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के द्वारा कर्मचारियों के कैडर पुनर्गठन के लिए राज्य सरकार को 2023 में अनुमोदन पत्र जारी कर दिया था लेकिन, राजस्थान सरकार न्यायिक कर्मचारियों पुनर्गठन के लिए आज तक आदेश जारी नहीं किए हैं। जिससे सभी न्यायिक कर्मचारियों में काफी रोष है।
न्यायिक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के बैनर तले आज कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया गया। महामंत्री कर्मवीर सिंह चौधरी ने बताया कि 17 जुलाई को सामूहिक अवकाश पर जाने का आवाहन किया गया था। प्रदेश के सभी अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत सभी कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। जिसके बाद भरतपुर और डीग जिले में न्यायिक क्षेत्र के सभी कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर हैं।
कैडर पुनर्गठन की मांग पर आंदोलन की राह पर
सभी कर्मचारी कैडर पुनर्गठन के आदेश प्राप्त होने तक आंदोलन की राह पर रहेंगे। राजस्थान उच्च न्यायालय के द्वारा कर्मचारियों के कैडर पुनर्गठन के लिए राज्य सरकार को मई 2023 में कैडर पुनर्गठित कर अनुमोदन पत्र जारी कर दिया था लेकिन, राज्य सरकार के द्वारा आज तक न्यायिक कर्मचारियों के पुनर्गठन के आदेश जारी नहीं किये गए हैं।
कर्मचारी नेता जितेंद्र शर्मा का कहना है की कर्मचारियों ने बार-बार सरकार को ज्ञापन दिया। साथ ही वार्ता भी की गई। राज्य सरकार ने हर बार आश्वासन दिया। इसलिए मजबूरन सभी कर्मचारियों को सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन की राह पर आना पड़ा।
