लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मौके पर हुआ समस्याओं का समाधान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रियांबड़ी (नागौर)। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के तहत नागौर जिले की रियांबड़ी पंचायत समिति के बिजाथल गांव में आयोजित फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधा का केंद्र बन गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने एक ही छत के नीचे आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया तथा पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर उपलब्ध कराया।
शिविर का संचालन नायब तहसीलदार एवं शिविर प्रभारी प्रेम कुमार ढेबाना के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान प्रशासक संग्रामराम बोराणिया, सहायक कृषि अधिकारी जोगीराम मेहरा, ग्राम विकास अधिकारी छैलाराम ईनाणिया, पटवारी राकेश कुमार ढोबर, भू-निरीक्षक सुरेश कुमार पारीक, कनिष्ठ सहायक नेताराम लटियाल, पशुधन निरीक्षक मुकेश बोराणिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
राजस्व सहित कई विभागों ने दी राहत
राजस्व विभाग की ओर से शिविर में 4 नामांतरण, 3 शुद्धिकरण, 11 जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र तथा 11 लघु एवं सीमांत किसान प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं, पात्र लाभार्थियों को 5 जॉब कार्ड वितरित किए गए।
शिविर में जी-रामजी योजना की जानकारी करीब 251 ग्रामीणों को दी गई। परिवहन विभाग ने 5 वरिष्ठ नागरिक बस पास बनाए। इसके अलावा पालनहार योजना के 11 प्रकरणों का सत्यापन किया गया तथा 2 अपात्र पेंशन प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
वन विभाग की ओर से सहायक वनपाल संतोष देवी ने ग्रामीणों को विभिन्न प्रजातियों के 5 पौधे वितरित किए। अन्य विभागों ने भी अनेक मामलों का मौके पर निस्तारण कर लोगों को राहत प्रदान की।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण
शिविर के दौरान आईटी केंद्र परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, प्रशासक संग्रामराम बोराणिया और ग्राम विकास अधिकारी छैलाराम ईनाणिया ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और उन्हें जीवित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
ग्रामीण बोले—अब नहीं लगाने पड़ते सरकारी दफ्तरों के चक्कर
ग्रामीणों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविरों के कारण अब अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ भी पारदर्शी और त्वरित तरीके से मिल रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के शिविर गांवों में सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन और प्रशासन के बीच विश्वास भी बढ़ा रहे हैं।
