लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
झालावाड़ (गंगधार)। विश्व नदी दिवस के अवसर पर झालावाड़ जिले के गंगधार कस्बे स्थित छोटी कालीसिंध नदी के तट पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर नृसिंह मित्र मंडल के सदस्यों ने वृक्षारोपण कर मां गंगा स्वरूपा कालीसिंध नदी को हरित श्रृंगार का संकल्प दिलाया। वृक्षारोपण के बाद सायंकाल नदी तट पर विधिवत पूजन और आरती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नदी की जैव-विविधता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने नदियों को शुद्ध एवं स्वच्छ रखने और प्रदूषण से बचाने का संदेश दिया।
पर्यावरण प्रेमी दशरथ नंदन पाण्डेय और मथुरेश शर्मा ने रात्रि में नवदुर्गा गरबा मंडल, गढ़ मोहल्ला में आयोजित सभा में नदी दिवस का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि नदियों से निर्मल जल पाने के लिए हमें व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी निभानी होगी — नदियों में कचरा, पूजा सामग्री, निर्माल्य और प्लास्टिक डालना बंद करना होगा। साथ ही नदी तटों पर वृक्षारोपण और जैव-विविधता को सुरक्षित रखने पर बल दिया।
विश्व नदी दिवस का महत्व
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विश्व नदी दिवस हर साल सितंबर माह के चौथे रविवार को मनाया जाता है।
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इसकी शुरुआत 2005 में संयुक्त राष्ट्र के “जीवन के लिए जल दशक” कार्यक्रम से हुई थी।
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इसे विश्व नदियाँ कार्य दिवस (World Rivers Action Day) के नाम से भी जाना जाता है।
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वर्ष 2025 का थीम है — “हमारी नदियाँ, हमारा भविष्य”।
यह थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि नदियों के स्वास्थ्य की रक्षा करना भविष्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नृसिंह मित्र मंडल गंगधार ने लोगों से अपील की कि नदियों को मलवाहिनी बनने से बचाएँ और स्वच्छ जल धारा बनाए रखने में योगदान दें।

















































