लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कानून व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश
जयपुर (आर एन सांवरिया): प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और पुलिसिंग को जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जयपुर ग्रामीण में आयोजित रेंज स्तरीय बैठक में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
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थाना प्रभारी जिम्मेदार: प्रत्येक पीड़ित की शिकायत बिना किसी दबाव या प्रलोभन के सुनी जाए।
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जीरो टॉलरेंस नीति: वांछित अपराधियों की त्वरित धरपकड़ और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई।
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अवैध प्रवासियों की जांच: बांग्लादेशी-रोहिंग्या का वेरिफिकेशन कर नियमानुसार कार्रवाई।
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न्याय प्रणाली की गति: चोरी, लूट और जबरन वसूली जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तारी और माल बरामदगी के बाद चार्जशीट में किसी भी तरह की देरी न हो।
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साक्ष्यों की मजबूती: अपराधियों को कोर्ट में बचना नामुमकिन बनाने हेतु वैज्ञानिक तरीके से पेश किया जाए।
तकनीकी और साइबर मोर्चा
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साइबर अपराध, आईटी एक्ट, पोक्सो, वीमेन एट्रोसिटी और आईटीएसएसओ के लंबित मामलों को 60 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश।
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हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली में सुधार।
अन्य दिशा-निर्देश
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नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार: ड्रग्स/एमडी ड्रग की फैक्ट्रियां पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी और पर्यवेक्षणीय अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई।
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महिला सुरक्षा: कालिका यूनिट को अधिक सक्रिय करना।
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यातायात प्रबंधन: स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद लेना।
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लंबित प्रकरणों का निरंतर फॉलोअप और केस ऑफिसर स्कीम के तहत प्रभावी कार्रवाई।
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झूठे मुकदमे और पुलिस समय की बर्बादी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
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संतरी ड्यूटी और सुरक्षा: धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना।
डीजीपी राजीव शर्मा ने स्पष्ट किया कि जन-हित, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और पुलिस को पूरी तरह जवाबदेह एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
