लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आई जब चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ और उप निदेशक वंदना ने आरबीएम अस्पताल और जनाना अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर की मौजूदा व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरबीएम अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 4 हजार मरीज आते हैं, जबकि अटेंडेंट्स को जोड़कर यह संख्या 8 हजार तक पहुंच जाती है। ऐसे में भीड़ के अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं पाई गईं।
उन्होंने विशेष रूप से सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल प्रशासन को सफाई स्टाफ बढ़ाने और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कहा गया।
अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य की धीमी गति पर भी चिंता जताई गई। इस मामले को जिला कलेक्टर के साथ समीक्षा कर तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल्द मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जनाना अस्पताल के निरीक्षण के दौरान महिलाओं और नवजात शिशुओं को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की मंशा अधिक से अधिक लोगों को मुफ्त इलाज योजनाओं का लाभ दिलाने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार की जरूरत है।
निरीक्षण में मैनपावर की कमी का मुद्दा भी सामने आया, जिस पर आउटसोर्सिंग और अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से समाधान करने की बात कही गई। एक मरीज के लंबे समय से उचित इलाज नहीं मिलने पर भी गंभीरता दिखाते हुए तुरंत उपचार के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में सुधार की काफी संभावनाएं हैं और बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन से व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा सकता है।