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अपराधों में कमी लाने के लिए सामाजिक सहयोग जरूरी

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सामाजिक संस्थाओं और साधु-संतों के सहयोग से बदल सकती है समाज की तस्वीर

-अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग

जयपुर,।(रूपनारायण सांवरिया) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने कहा कि अपराधों में कमी लाने और समाज में समरसता लाने के लिए सामाजिक सहयोग ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक कार्य करने वाली संस्थाओं, साधु-संतों और सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों के सहयोग से बढ़ते अपराधों में कमी लाई जा सकती है।

मकवाना ने बुधवार को शासन सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन यह बात कही। इस दौरान सदस्यगण वड्डेपल्ली रामचंदर एवं लवकुश कुमार साथ रहे। आयोग ने अनुसूचित जाति वर्ग के एट्रोसिटी एक्ट (अत्याचार निवारण नियम) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में पिछले डेढ़ वर्ष में अनुसूचित जाति वर्ग के अपराधों में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा अपराध मुक्त राजस्थान बनाना है। हालांकि अभी और सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आयोग से प्राप्त सुझावों पर अमल कर आमजन के विश्वास को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

आयोग की पुलिस महानिदेशक सनमीत कौर ने पुलिस अधिकारियों से अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े दर्ज अपराध, चालान, चार्जशीट, प्रकरण निस्तारण, वर्ग को दी जाने वाली सहायता राशि आदि के बारे में पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली और सुधारात्मक सुझाव भी दिए।

पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने आयोग को बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के केसेज में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में पुलिस दर्ज होने वाले केसों का सूक्ष्म रूप से विश्लेषण करेगी, गंभीर प्रकरणों को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल करेगी और घोड़ी पर न चढ़ने जैसी कुरीतियों तथा उनकी मानसिकता में परिवर्तन लाने के लिए जागरूकता लाने के प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए तुरंत राहत और शिकायत दर्ज करवाने के लिए 18001806025 हेल्पलाइन भी 24 घंटे प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मानवाधिकार) मालिनी अग्रवाल ने पुलिस द्वारा किए गए कार्यों को पीपीटी प्रस्तुतीकरण के जरिए बताया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के मुकाबले 2024-25 में हत्या, बलात्कार व अन्य अपराधों के आंकड़ों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि एट्रोसिटी के मामले जहां 2023 में 8212 दर्ज हुए थे वहीं 2024 में इनकी संख्या 7007 रह गई। 2025 में अभी तक 3651 मामले दर्ज हुए हैं।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर एस सावंत, सचिव (आयोग) जी. श्रीनिवास, संयुक्त सचिव एच. काम सुआनथांग, निदेशक कौशल कुमार, सामाजिक न्याय निदेशक आशीष मोदी सहित गृह, पुलिस, मानवाधिकार, अभियोजन, कारागार, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सहित संबंधित विभागों के उच्च स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बालिका छात्रावास का किया निरीक्षण, साथ में भोजन भी किया, छात्राओं ने बोला ‘थैंक यू सर’

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष किशोर मकवाना, सदस्यगण वड्डेपल्ली रामचंदर एवं लवकुश कुमार ने जामडोली कैंपस स्थित अनुसूचित जाति वर्ग की बालिकाओं के लिए संचालित छात्रावासों का निरीक्षण किया।

आयोग के सदस्यों ने कैंपस में वृक्षारोपण किया और बालिकाओं के साथ मेस में भोजन करते हुए अनौपचारिक रूप से संवाद भी किया। बालिकाओं में आयोग से आए अतिथियों को लेकर खासा उत्साह देखा गया। आयोग को विदा करते समय बालिकाएं ‘थैंक यू सर’ कहकर आभार जताती नजर आईं।

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