लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विकसित भारत व विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य में वैश्य समाज की भूमिका अहम
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वैश्य समाज में संगठन की प्रबल शक्ति और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता है। भारत के इतिहास में वैश्य समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है और यह समाज देश की आर्थिक रीढ़ रहा है। वैश्य समाज के परिश्रम, व्यापार कौशल और ईमानदारी ने देश की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री शनिवार को भांकरोटा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक सभी ने मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया है। राजस्थान में हस्तशिल्प, रत्न-आभूषण, वस्त्र और खाद्य उद्योग में वैश्य समाज की दूरदर्शिता और मेहनत स्पष्ट दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को साकार करने में वैश्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें और “युवा नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर और देवास परियोजना सहित विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में 8 हजार 261 मेगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है और 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है। वर्ष 2027

















































