लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गंगधार, झालावाड़।
शादी या सगाई की अंगूठी अनामिका उंगली में पहनने की परंपरा सदियों पुरानी है। पश्चिमी देशों में इसे विवाह का प्रतीक माना जाता है, वहीं भारत में भी लंबे समय से सगाई और विवाह के समय अनामिका उंगली में अंगूठी पहनने का प्रचलन रहा है। इसके पीछे धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
ऐसी मान्यता है कि अनामिका उंगली से एक विशेष नस निकलकर सीधे हृदय तक जाती है, जिसे ‘लव वेन’ कहा जाता है। इसका अर्थ है प्रेम की नस। इसी कारण इस उंगली को दिल से जोड़ा जाता है और इसे Ring Finger कहा गया है।
ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनामिका उंगली का संबंध सूर्य और शनि ग्रह से माना जाता है। ये ग्रह जीवन में उन्नति, सम्मान, स्थिरता और स्थायित्व के प्रतीक हैं। अनामिका उंगली अन्य उंगलियों और अंगूठे के साथ मिलकर हाथ की शक्ति और संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होती है।
उंगली की लंबाई और स्वभाव
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जिन जातकों की अनामिका उंगली लंबी होती है, वे आत्मविश्वासी, नेतृत्व क्षमता वाले और महत्वाकांक्षी माने जाते हैं।
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वहीं छोटी अनामिका उंगली व्यक्ति के शर्मीले या अंतर्मुखी स्वभाव की ओर संकेत करती है।
सूर्य पर्वत और सफलता
अनामिका उंगली के मूल में स्थित सूर्य पर्वत सम्मान, सफलता, कला, रचनात्मकता और सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करता है।
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उभरा हुआ सूर्य पर्वत जातक की प्रसिद्धि, आत्मविश्वास और कला क्षेत्र में सफलता का संकेत देता है।
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जबकि चपटा या अविकसित सूर्य पर्वत जीवन में संघर्ष और बाधाओं की ओर इशारा करता है।
यदि सूर्य पर्वत पर सीधी और स्पष्ट सूर्य रेखा हो तो यह धन, यश, मान-सम्मान और प्रसिद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
वहीं टूटी-फूटी या धुंधली रेखाएं जीवन में अस्थिरता और कठिनाइयों का संकेत देती हैं। जिन जातकों की हथेली में सूर्य रेखा स्पष्ट नहीं होती, उन्हें सफलता कठिन परिश्रम के बाद ही प्राप्त होती है।
शनि पर्वत का प्रभाव
अनामिका उंगली के पास स्थित मध्यमा उंगली के नीचे शनि पर्वत होता है। यदि शनि पर्वत उभरा हुआ हो, तो यह जातक को उच्च स्तर की सफलता और स्थायित्व प्रदान करता है।
अन्य संकेत
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यदि अनामिका उंगली मध्यमा उंगली की ओर झुकी हो, तो यह कला प्रेम और रचनात्मकता का संकेत देती है।
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इस उंगली पर काले धब्बे या कटी-फटी रेखाएं संघर्ष और कार्यों में रुकावट का संकेत मानी जाती हैं।
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वहीं तिल की मौजूदगी सौभाग्य, धन और यश का प्रतीक होती है।
अनामिका उंगली या सूर्य पर्वत पर खड़ी रेखाएं सफलता, प्रसिद्धि और सम्मान का संकेत देती हैं। एक से अधिक खड़ी रेखाएं जीवन में स्थिरता और बहुमुखी प्रतिभा का परिचय कराती हैं।
जबकि आड़ी रेखाएं या जाल का निशान कार्यों में बाधा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला माना जाता है।
✍ रमा निगम
हस्तरेखा विशेषज्ञ
(वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार)
