लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बजट ज्ञान (GYAN) और सबका साथ–सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित
— उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी
अजमेर से नितिन मेहरा
अजमेर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केन्द्रीय बजट के संबंध में अजमेर कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह केन्द्रीय बजट भारत को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ाने वाला है। यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में माननीय केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—तेज और सतत आर्थिक वृद्धि, आम नागरिकों की अपेक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ–सबका विकास।
ज्ञान (GYAN) पर केंद्रित बजट
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का स्पष्ट संदेश है कि सरकार ज्ञान (GYAN)—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति—को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बजट आर्थिक स्थिरता, समावेशी विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ऐतिहासिक निवेश
उन्होंने बताया कि सतत आर्थिक वृद्धि के लिए बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश किया गया है। इसके तहत उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर, केमिकल पार्क और कैपिटल गुड्स प्रोडक्शन को प्रोत्साहन दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट योजना का विस्तार 40 हजार करोड़ रुपये से किया गया है, वहीं 10 हजार करोड़ रुपये की बायो-फार्मा शक्ति योजना और चैम्पियन एमएसएमई पहल से लघु एवं मध्यम उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी। एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड भी प्रस्तावित किया गया है।
रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपये का पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रस्तावित किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। प्रभावी कैपेक्स 17.1 लाख करोड़ रुपये, यानी जीडीपी का 4.4 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इससे सड़कों, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक क्षेत्रों, शहरी ढांचे और कनेक्टिविटी में बड़े स्तर पर विकास होगा, जिससे रोजगार और निवेश दोनों बढ़ेंगे।
स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल पर विशेष फोकस
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, डेढ़ लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण, पांच मेडिकल हब की स्थापना और कैंसर की 17 आवश्यक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट जैसे कदम उठाए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप और हर जिले में बालिका छात्रावास के निर्माण की घोषणा ऐतिहासिक है। साथ ही अगले 10 वर्षों के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा से युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी।
पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना, 20 विशेष पर्यटन स्थलों का विकास, 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण और नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी।
इसके साथ ही 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। पूर्वोत्तर के पांच पर्यटन स्थलों और बौद्ध सर्किट के विकास से देशभर में पर्यटन को नई गति मिलेगी।
कृषि, ग्रामीण विकास और पशुपालन को मजबूती
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए एआई आधारित भारत विस्तार टूल्स लागू किए जाएंगे। नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य फसलों को बढ़ावा दिया गया है। राष्ट्रीय फाइबर मिशन और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज इनिशिएटिव से ग्रामीण युवाओं, बुनकरों और कुटीर उद्योगों को लाभ मिलेगा।
पशुपालन को प्राथमिकता देते हुए पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना और 500 जलाशयों व अमृत सरोवरों को जोड़कर मत्स्य पालन को सशक्त करने का निर्णय लिया गया है।
महिला सशक्तिकरण बजट की प्रमुख ताकत
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति इस बजट का सबसे मजबूत स्तंभ है। महिलाओं के लिए डेढ़ लाख केयरगिवर्स और एक लाख एएचपी को प्रशिक्षण, ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए शीमार्ट योजना का विस्तार, महिला एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड और लखपति दीदी योजना के विस्तार से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी।
संतुलित और अनुशासित बजट
उन्होंने बताया कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि से सैन्य आधुनिकीकरण को बल मिलेगा। वित्तीय घाटे को जीडीपी के 4.4 प्रतिशत पर नियंत्रित रखते हुए सरकार ने विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखा है। टैक्स सिस्टम को सरल बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहन देने के कई प्रावधान किए गए हैं।
राजस्थान को मिलेगा विशेष लाभ
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट से राजस्थान को अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। बढ़ा हुआ कैपेक्स सड़क, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करेगा। दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। एमएसएमई, पर्यटन, कौशल विकास और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस से राजस्थान की अर्थव्यवस्था, रोजगार और सौर ऊर्जा में अग्रणी भूमिका और सशक्त होगी।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर लोक बंधु, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा, भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।