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अजमेर मंडल पर 800 किलोमीटर से अधिक रेलवे ट्रैक की फेंसिंग पूरी

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

संरक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन का बड़ा कदम

✍️ संवाददाता : नितिन मेहरा, अजमेर


संरक्षा और सुरक्षा पर रेलवे का फोकस

रेलवे प्रशासन सदैव संरक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहा है। रेल संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जाते हैं। ट्रैक रिन्यूअल और पुलों के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य नियमित रूप से किए जा रहे हैं।


ट्रैक पर फेंसिंग का महत्व

ट्रेनों की गति बढ़ने के बाद दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है, खासकर जब जानवर या आमजन सीधे ट्रैक पर आ जाते हैं।
इसी समस्या के समाधान के लिए अजमेर मंडल के 835 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा बाड़ (फेंसिंग) लगाई गई है।

  • 295 किलोमीटर पर स्थाई फेंसिंग

  • 540 किलोमीटर पर अस्थाई फेंसिंग

इससे जानवरों को ट्रैक पर आने से रोका जा सकेगा और आमजन भी सीधे ट्रैक पार नहीं कर पाएंगे।

रेल प्रशासन की अपील है कि लोग फुट ओवर ब्रिज या रेलवे फाटक का ही उपयोग करें, सीधे पटरियों पर न चढ़ें।


अधिकारियों का बयान

  • वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक बी. सी. एस. चौधरी के अनुसार, फेंसिंग लगाने से पशुओं के ट्रेन से कटने की घटनाओं में कमी आई है और ट्रेन संचालन सुरक्षित एवं सुगम हुआ है।

  • अजमेर–पालनपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति 110 से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा की जा चुकी है। भविष्य में स्थाई फेंसिंग के बाद यह गति 160 किमी/घंटा तक की जा सकेगी।

  • मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा ने कहा कि आवारा पशु ट्रैक पर आकर दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं, जिससे पशुधन की हानि और ट्रेन संचालन में बाधा होती है। स्थाई फेंसिंग से न केवल पशु और मानव जीवन की रक्षा होगी, बल्कि निर्बाध और सुरक्षित ट्रेन संचालन भी सुनिश्चित होगा।


निष्कर्ष

अजमेर मंडल पर रेलवे ट्रैक की फेंसिंग का कार्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पशुधन और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में तेज गति वाली ट्रेनों का संचालन भी संभव होगा।

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