लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उप मुख्यमत्री सचिन पायलट ने वित्त मंत्री द्वारा आज संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट को दिशाहीन एवं भ्रमित करने वाला बताते हुए कहा है कि जब पिछले तीन साल से पूंजीगत व्यय में हर साल एक लाख करोड़ की बचत हो रही है तो इसे कागजों में बढ़ाते रहने से वाहवाही लूटने का प्रयास जनता से छिप नहीं सकता।
उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण, स्किल विकास योजना जैसी जनता के सीधे लाभ की योजनाओं में सरकार लगभग 33 हजार करोड़ खर्च नहीं कर पाई क्योंकि ग्रामीण गरीब इनकी प्राथमिकता में नहीं हैं। जल जीवन मिशन में 50 हजार करोड़ खर्च नहीं हुए क्योंकि केंद्र ने राज्यों को राशि ट्रांसफर ही नहीं की।
पायलट ने कहा है कि एक तरफ केंद्र सरकार ने केंद्रीय टैक्स में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत ही बरकरार रखा है वहीं ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में राज्यों के 40 प्रतिशत हिस्से के लिए कोई रास्ता नहीं निकाला है। राज्यों की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत की जानी चाहिए।
उन्होंने केन्द्रीय बजट को राजस्थान के लिए के लिए अत्यंत निराशाजनक बताते हुए कहा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए जल संसाधन मंत्रालय के बजट में एक पैसे का भी प्रावधान नहीं होना, 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में से एक भी राजस्थान में नहीं होना, पुरानी स्वीकृत रेल लाइनों के लिए प्रावधान नहीं करना यह सिद्ध करता है कि भाजपा सरकार के लिए राजस्थान की जनता के प्रति जरा भी संवेदना नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए इस बजट में कोई राहत दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने मांग की है कि भाजपा सरकार को बेरोजगारी पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। पायलट ने इस बजट को बेरोजगारी बढ़ाने वाला, शिक्षित और उच्च शिक्षित युवाओं को निम्न स्तर की छोटी मोटी नौकरी करने पर मजबूर करने वाला बताया है।
