लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
27 साल बाद भद्रा मुक्त रक्षाबंधन, शुभ मुहूर्त और खरीदारी से बाजारों में बढ़ी रौनक
पादूकलां। भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन आज शुक्रवार को पादूकलां कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर घरों से लेकर बाजारों तक उत्साह का माहौल है। बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि, दीर्घायु और खुशहाली की कामना करेंगी। वहीं भाई भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा और सम्मान का संकल्प लेंगे।
27 साल बाद भद्रा से मुक्त रक्षाबंधन
वर्ष 2026 का रक्षाबंधन ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। पंचांग गणना के अनुसार इस बार 27 वर्षों बाद विशेष शुभ योगों का संयोग बन रहा है। पर्व की विशेषता यह है कि इस बार रक्षाबंधन भद्रा के साये से मुक्त बताया जा रहा है। ऐसे में बहनें शुभ समय में बिना भद्रा की बाधा के भाइयों को रक्षासूत्र बांध सकेंगी।
सुबह रहेगा राखी बांधने का विशेष शुभ समय
पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसमें लाभ मुहूर्त सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक तथा अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9:10 से 9:48 बजे तक रहेगा। वहीं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अलावा दिनभर शुभ समय देखकर रक्षासूत्र बांधा जा सकेगा।
रंग-बिरंगी राखियों से सजे बाजार
रक्षाबंधन को लेकर पादूकलां के बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्व की पूर्व संध्या पर राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई। दुकानदारों ने बाजार में आकर्षक और रंग-बिरंगी राखियों की विभिन्न वैरायटी सजाई हैं।
बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां, युवतियों के लिए फैंसी और डिजाइनर राखियां तथा पारंपरिक धागे, मोती और अन्य डिजाइनों वाली राखियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। बहनें अपने भाइयों की पसंद के अनुसार राखियां और उपहार खरीदती नजर आईं।
मिठाई और कपड़ों की दुकानों पर भी बढ़ी ग्राहकी
राखी के साथ मिठाई और कपड़ों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है। बाजारों में खरीदारी के चलते दिनभर चहल-पहल बनी हुई है। दुकानदारों को रक्षाबंधन के दिन अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है।
घर-घर मनाया जाएगा भाई-बहन के प्रेम का पर्व
रक्षाबंधन के दिन बहनें पूजा की थाली सजाकर भाई का तिलक करेंगी और उसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। इसके बाद भाई बहन को उपहार देकर उसके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना करेगा। परिवारों में मिठाइयां बांटकर पर्व की खुशियां मनाई जाएंगी।
कुल मिलाकर पादूकलां में रक्षाबंधन को लेकर बाजारों से लेकर घरों तक उत्सव का माहौल है। राखियों की रंगत, मिठाइयों की खुशबू और भाई-बहन के स्नेह से कस्बे की रौनक और बढ़ गई है।





















































