लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर से नितिन मेहरा
अजमेर। प्रदेश में वर्तमान राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को उपलब्धियों के रूप में देखा जा रहा है। कुशल, दूरदर्शी और संवेदनशील नेतृत्व में राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘कैच द रैन’ अभियान से प्रेरित ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान ने प्रदेश में जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को नई दिशा दी है। इस अभियान की शुरुआत 15 जनवरी 2025 को जयपुर के सांगानेर क्षेत्र से हुई थी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस अवसर पर प्रवासी राजस्थानियों और प्रदेशवासियों से जल संरक्षण कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया था।
प्रवासी राजस्थानियों से मिला मजबूत सहयोग
अभियान का ही परिणाम है कि प्रवासी राजस्थानियों के सहयोग से प्रदेश में अब तक 15 हजार से अधिक भू-जल रिचार्ज और जल संरक्षण से जुड़े कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इनमें रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, अकार्यशील नलकूपों एवं हैंडपंपों का पुनः उपयोग, कुओं द्वारा भू-जल पुनर्भरण तथा रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी संरचनाएं शामिल हैं।
इस पहल से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिला है और भू-जल स्तर में हो रही गिरावट को प्रभावी रूप से रोका जा रहा है।
3.64 लाख से अधिक कार्य पूर्ण
‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के साथ-साथ ‘जल संचय जनभागीदारी (कैच द रैन) 1.0’ के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 3 लाख 64 हजार 968 जल संरक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। यह आमजन की भागीदारी, प्रशासनिक समन्वय और जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों का सशक्त उदाहरण है।
राज्य सरकार द्वारा प्रवासी राजस्थानियों और आम नागरिकों को मातृभूमि से जोड़ने के लिए निरंतर संवाद और सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
45 हजार नई जल संरक्षण संरचनाओं का लक्ष्य
जन-भागीदारी से मिले उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए राज्य सरकार ने आगामी चार वर्षों में प्रदेश के सभी 41 जिलों की 11,195 ग्राम पंचायतों में 45 हजार जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अब तक ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा ई-पंचायत मोबाइल ऐप के माध्यम से 43,100 रिचार्ज स्थलों का चयन किया जा चुका है। ये कार्य भामाशाहों, प्रवासी राजस्थानियों, क्राउड फंडिंग एवं सीएसआर फंड के माध्यम से पूरे किए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान को सम्मान
जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है। 18 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान का पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके साथ ही भीलवाड़ा और बाड़मेर जिलों को जल संरक्षण, जल संचयन में नवाचार, भू-जल पुनर्भरण और जन सहभागिता आधारित मॉडल के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
‘वंदे गंगा’ अभियान से मिली नई गति
राज्य सरकार द्वारा 5 जून 2025 से प्रदेशव्यापी ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान भी संचालित किया गया। इस अभियान के तहत जलाशयों की मरम्मत व सफाई, जल प्रवाह क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, बांध क्षेत्रों में श्रमदान, व्यापक पौधरोपण तथा जल संग्रहण एवं संरक्षण संरचनाओं के निर्माण जैसे कार्य बड़ी संख्या में कराए गए।
