जयपुर ग्रामीण जिले में थाना चंदवाजी पुलिस की कार्रवाई
ठगी की रकम से क्रिप्टो करेंसी का व्यापार करते हैं, आंध्र प्रदेश से पकड़ा
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर,। (आर एन सांवरिया) ग्रामीण जिले की थाना चंदवाजी पुलिस ने 12 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले में 3 साल से फरार चल रही मुख्य आरोपी थोकला लक्ष्मी पत्नी थोकला बुंदा कुमार, उम्र 40 वर्ष, निवासी 1-37 चिगुरावाड़ा दक्षिण पुलिस स्टेशन एमआर पल्ली तिरुपति राज्य आंध्र प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में गिरोह के चार सदस्यों को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।
उप महानिरीक्षक सह पुलिस अधीक्षक आनन्द शर्मा ने बताया कि साईबर अपराधों की रोकथाम व अपराधियों की धरपकड़ के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनियां के निर्देशन व वृताधिकारी जमवारामगढ प्रदीप सिंह यादव आरपीएस के सुपरविजन तथा एसएचओ चन्दवाजी हीरा लाल सैनी के नेतृत्व में साईबर ठगी की मुख्य आरोपी थोकला लक्ष्मी को तिरूपति आन्ध्रप्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।
डीआईजी शर्मा ने बताया कि 2 नवंबर 2021 को निम्स यूनिवर्सिटी चंदवाजी में कार्यरत जयपुर के सी स्कीम निवासी रचित माथुर पुत्र राजीव ने रिपोर्ट दर्ज करवायी थी कि टेलीग्राम पर मंदीश खान नाम के व्यक्ति से उनकी पहचान हुई। जिसने अपने आपको बहुत बड़ी बिजनेस कम्पनी का मैनेजर बताया।
मंदीश खान ने बिजनेस के पांच लेवल पूरे करने पर राशि डबल होने का झांसा देकर तीन बैंक खातों में 12 लाख रूपये जमा करवा लिये। इस मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया। पूर्व में पुलिस टीम द्वारा आन्ध्रप्रदेश में लगातार कैम्प कर विशेष साईबर तकनीकी से अभियुक्तों के ठिकानों की पहचान कर गिरोह के सदस्य ए. अरुण कुमार रेड्डी, अब्दुल गनी निवासी तिरुपति आन्ध्रप्रदेश तथा गोपाल सिंह चुडावत व मोहम्मद जाहिद खान निवासी चितौडगढ़ को गिरफ्तार किया था।
अनुसंधान में सामने आया कि तिरूपति की थोकला लक्ष्मी व ए. अरूण रेड्डी के द्वारा टेलीग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर बिजनेस के लेवल बता अलग- अलग बिजनेस लेवल पर रकम जमा करवायी जाती है। पांच लेवल पूरे करने पर राशि डबल होने का झांसा दिया जाता है। परिवादी से अब्दुल गनी नाम के व्यक्ति के बैंक खातें में चार लाख रूपये व दो अन्य खातों में आठ लाख रूपये जमा करवाये गये थे। अभियुक्तों के द्वारा ठगी की राशि से क्रिप्टो करेंसी का व्यापार किया जाता है।
मामले में मुख्य आरोपिया थोकला लक्ष्मी घटना के बाद से ही फरार चल रही थी। जिसको आसूचना संकलन व तकनीकी सहायता द्वारा गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई में एसएचओ हीरालाल सैनी, उप निरीक्षक रजनी, कांस्टेबल शंकर लाल व सुभाष चन्द शामिल थे।
