लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की काट रहा था सजा, साफी को फांसी फंदा बनाकर रोशनदान से लटका
भरतपुर – सेवर स्थित सेंट्रल जेल में एक कैदी ने हाई सिक्योरिटी बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी पोक्सो मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। कुछ दिनों पहले ही वह आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से फरार हो गया था, जिसके बाद करौली पुलिस ने उसे भरतपुर पुलिस को सौंप दिया था। कैदी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। जेल प्रशासन को सूचना मिलने पर शव को कब्जे में लेकर आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
सेवर थाना अधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि 4 बजे सेवर जेल के जेलर मुकेश मीणा ने बताया था कि राजवीर पुत्र बलराम ने फांसी लगा ली है। मृतक जेल की बैरक नंबर 5 में था। इसके दूसरा कैदी था वह सो रहा था। पुलिस की टीम ने कैदी के शव को नीचे उतारा। फिलहाल उसके शव को आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। मृतक को करौली पॉक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हुई थी। 5 मई को बलराम आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से फरार हो गया था। 19 मई को पुलिस ने इसे पकड़कर कल जेल भेजा था। मृतक रोशनदान में साफी को फांसी का फंदा बनाकर फांसी लगाई है।
दरअसल आरोपी बलराम (35) को 3 मई को आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड में एडमिट किया गया था। उसकी तबियत ख़राब थी। 5 मई को बलराम आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से फरार हो गया। 19 मई को बलराम करौली पुलिस ने पकड़कर भरतपुर पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद कल उसे कोर्ट में पेश किया गया। कल भरतपुर कोर्ट ने बलराम को वापस सेवर जेल भेज दिया। आज उसने बैरेक नंबर 5 में रोशनदान से लटककर फांसी लगा ली।

















































