लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
झालावाड़। झालावाड़ जिले में मनोहर थाना इलाके के गाँव पीपलौदी में राजकीय प्राथमिक स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और लगभग 20 बच्चे घायल है, जिनमें से नौ बच्चों की हालत गंभीर है, जिनका सरकारी अस्प्ताल में इलाज चल रहा है । हादसे के दौरान क्लास रूम में 35 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। क्लासरूम की छत गिरने से सभी बच्चे उसके नीचे दब गए। उसके बाद वहां कोहराम मच गया ।
बताया जा रहा की छत गिरने से पहले स्कूल की छत से कुछ कंकड़ गिरे थे लेकिन टीचर ने ध्यान नहीं दिया और थोड़ी देर बाद में छत गिर गई, जिसके मलबे में सभी 35 स्टूडेंट दब गए। इनमें से पांच बच्चों की मौके परी मौत हो गई । घटना के बाद कोहराम मच किया। सभी बच्चे आसपास के रहने वाले थे तो तुरंत थोड़ी देर में ही उनके परिजन पहुंच गए। रिश्तेदार पहुंच गए ,गांव वाले पहुंच गए और बच्चों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।
घटना स्थल पर जिला कलेक्टर, पुलिस प्रशासन और अन्य रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। रेस्क्यू का काम जारी है। लोगों ने बताया कि स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कई बार लिख कर दिया जा चुका लेकिन प्रशासन में ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि आज एक कमरे की छत गिर गई, जिसके नीचे दबने से सात बच्चों की मौत हो गई, 9 बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, अन्य बच्चे घायल है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना को दुखद बताते हुए शोक व्यक्त किया है साथी कहे कि वे और सरकार परिजनों के साथ है।
शिक्षा मंत्री घटनास्थल के लिए रवाना
घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भरतपुर दौरा छोड़कर झालावाड़ के लिए निकल गए। उन्होंने भी घटना को जो दुखद बताया। साथ ही कहा कि हाल ही में सरकार ने 200 करोड रुपए जर्जर स्कूलों के लिए स्वीकृत किया है ,धीरे-धीरे स्कूल में मरमत हो रही है लेकिन यह घटना बहुत ही दुखद है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना को दु:खद बताया है । गहलोत का कहना है कि सरकार का ध्यान सिर्फ बयान बाजी और शोऑफ करने पर है। प्राथमिक चीजों पर सरकार की तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब जर्जर स्कूलों की सूची दी जा चुकी है।
इस मामले को लेकर भरतपुर दौरे पर आये शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने की दुर्घटना हुई है जिसमें पांच बच्चों की मौत हुई है और करीब 20 बच्चे घायल हुए हैं । घायल बच्चों का नजदीक अस्पताल में इलाज चल रहा है और सभी अधिकारी वहां पहुंच गए हैं । शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी जयपुर से मौके के लिए रवाना हो गए हैं । मैं खुद भी भरतपुर से मौके पर जाने के लिए निकल रहा हूं । हमारा सबसे बड़ा काम है बच्चों को राहत पहुंचाना । सरकार इस घटना की पूरी जांच कराएगी । हमने पूर्व में भी निर्देश दे रखे थे कि जो बिल्डिंग जर्जर हैं उनमें बच्चों को नहीं बिठाए । राजस्थान में हजारों की संख्या में सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर है उन स्कूल बिल्डिंगों की मरम्मत के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी है ।