लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ने छात्राओं को दिया प्रेरक उद्बोधन, समग्र विकास और भारतीय संस्कृति पर हुई चर्चा
जयपुर। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के निर्देशों की अनुपालना में विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के उद्देश्य से दुर्गापुरा जैन मंदिर में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।
इस अवसर पर चातुर्मासरत गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ने महात्मा गांधी राजकीय बालिका विद्यालय, दुर्गापुरा की सैकड़ों छात्राओं को प्रेरणादायक उद्बोधन प्रदान किया।
दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी राजकीय बालिका विद्यालय की प्राचार्या, अध्यापक–अध्यापिकाओं, पूर्व प्राचार्या नीति आहूजा, एवं समाजसेवी गुलाबचंद गंगवाल, प्रकाश चांदवाड़, रेखा लुहाड़िया आदि द्वारा भगवान चंद्रप्रभु की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई।
इसके बाद रानी सौगानी ने स्वागत उद्बोधन दिया।
विद्यार्थी धर्म और जीवन मूल्यों पर माताजी का प्रेरक संदेश
गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों का वास्तविक धर्म ज्ञान, अनुशासन और आत्मविकास में निहित है। उन्होंने छात्राओं को
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समय के सदुपयोग का महत्व,
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अच्छे विद्यार्थियों के पाँच लक्षण,
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माइंडफुल वेलनेस (सजग जीवन),
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सामाजिक ज्ञान,
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कर्म शुद्धि, तथा
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आयुर्वेदिक जीवनशैली के लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
माताजी ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि “सफलता का आधार आत्मसंयम और सकारात्मक सोच है।”
प्राचार्या नीति आहूजा ने दी सराहना
पूर्व प्राचार्या नीति आहूजा ने कहा कि शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने श्रमण समाज से आग्रह किया कि ऐसे सांस्कृतिक और प्रेरणादायी कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहें।
जैन बैंकर्स फोरम और दुर्गापुरा जैन मंदिर ट्रस्ट का योगदान
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिल भारतीय जैन बैंकर्स फोरम और दुर्गापुरा जैन मंदिर ट्रस्ट कमेटी की प्रमुख भूमिका रही।
जैन बैंकर्स फोरम के अध्यक्ष भागचंद जैन (मित्रपुरा), लोकेश जैन, सुभाष जैन, सुरेश जैन, एस.सी. जैन, और अशोक बांठिया ने सक्रिय सहयोग दिया।
समाज की गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में नरेश बाकलीवाल, सुनील संगही, आनंद अजमेरा, नेमी निगोतिया, जयकुमार बिंदायका, भागचंद पाटनी, गिरीश बड़जात्या, हुकमचंद बाकलीवाल, रेखा पाटनी, रेणु पांड्या, वर्षा अजमेरा, माया संगही, नीतू बाकलीवाल, मनोरमा बाकलीवाल, रजनी बोहरा, छवि बिंदायका सहित कई समाजश्रेष्ठियों एवं महिला मंडल की पदाधिकारिणियों की उपस्थिति रही।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धर्मों की विविधता और जीवन मूल्यों से जोड़ना था।
गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी के प्रेरक संदेश ने छात्राओं में आत्मविश्वास, नैतिकता और जीवन-प्रबंधन के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।



















































