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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को शस्त्र पूजन की अनुमति देना ही दुर्भाग्यपूर्ण गहलोत
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस द्वारा आयोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रम और उसके विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सचिन पायलट ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को राजनीति का केन्द्र बनाया जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। साथ ही, आरएसएस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से मारपीट की। यह दर्शाता है कि प्रदेश में कानून का इकबाल खत्म हो गया है और छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, अशोक गहलोत ने कहा कि विश्वविद्यालय में आरएसएस द्वारा शस्त्र पूजा का आयोजन ही आपत्तिजनक था। शिक्षा के मंदिर को राजनीतिक गतिविधियों का अड्डा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने खुलेआम कानून को अपने हाथ में लिया। गहलोत ने कहा कि यह शर्मनाक है कि पुलिस की मौजूदगी में मारपीट हुई और पुलिस इसे रोकने में असफल रही। इससे साबित होता है कि पुलिस आरएसएस के दबाव में है।
दोनों नेताओं ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था पर आमजन का विश्वास कायम रह सके।
विरोध का कारण
राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस का शस्त्र पूजा कार्यक्रम आयोजित
विरोध कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज
एनएसयूआई और आरएसएस कार्यकर्ताओं में झड़प, पुलिस की मौजूदगी में मारपीट
सचिन पायलट ने कहा – “शिक्षण संस्थानों का राजनीतिकरण दुर्भाग्यपूर्ण”
अशोक गहलोत बोले – “आरएसएस बनी एक्स्ट्रा कांस्टीट्यूशनल अथॉरिटी”
दोनों नेताओं ने घटना की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
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