लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राज्य सरकार इतिहास और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए कृतसंकल्पित — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर :
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन धरोहर और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट तथा ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वीरता, संप्रभुता और स्वाभिमान से परिचित कराने के उद्देश्य से इन सर्किटों का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों जैसे चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर और उदयपुर को शामिल करते हुए 100 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। साथ ही, जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट भी 100 करोड़ की लागत से तैयार होगा। इससे प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊँचाई मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
हल्दीघाटी में बनेगा चेतक का भव्य स्मारक
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त घोड़े चेतक का विशाल स्मारक बनाया जाएगा। इसके साथ ही, हल्दीघाटी के युद्ध का जीवंत चित्रण थ्रीडी तकनीक, लाइट एंड साउंड शो आदि आधुनिक तकनीकों से किया जाएगा, ताकि पर्यटक युद्ध की गौरवशाली गाथा को अनुभव कर सकें।
उन्होंने चावंड में महाराणा प्रताप के समाधि स्थल को भव्य रूप में विकसित करने तथा दिवेर में विजय स्तंभ स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही, गोगुंदा, चित्तौड़गढ़ और अन्य स्थलों पर स्मारक और स्मृति चिन्ह विकसित किए जाएंगे।
जनजातीय इतिहास और संस्कृति का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में जनजातीय समुदाय का योगदान महत्वपूर्ण है। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण हेतु सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृ कुण्डिया सहित प्रमुख स्थलों को शामिल कर 100 करोड़ रुपये की लागत से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। इसमें बेणेश्वर धाम, मानगढ़ धाम, डूंगर बरंडा और बांसिया चारपोटा जैसे स्थल शामिल होंगे।
बेणेश्वर धाम में सोम, माही और जाखम नदियों के संगम पर आयोजित आदिवासी मेले के दौरान सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। डूंगरपुर और बांसवाड़ा में जनजातीय नायकों के स्मारक स्थापित कर उन्हें सम्मान दिया जाएगा। 
पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
शर्मा ने कहा कि ये प्रयास न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेंगे बल्कि प्रदेश के गौरवशाली अतीत को संरक्षित कर युवाओं को प्रेरित करेंगे। यह पहल पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार सृजन और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।













































