लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
जोधपुर ।
जोधपुर के लाल सागर आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वय बैठक 2025 का आज समापन हुआ। तीन दिवसीय इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन 5 सितंबर से चल रहा था, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत के नेतृत्व में देशभर से जुड़े 32 संगठनों के 300 से अधिक पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
समापन सत्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधित करते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया। महिलाओं की भूमिका, क्रीड़ा परिषद में उनके योगदान, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी पहल के तहत महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।
नई शिक्षा नीति को लेकर भी गंभीर विमर्श हुआ। शिक्षा के भारतीयकरण, राष्ट्रीय भाषा की भूमिका और संघ से जुड़े शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को सराहा गया। सभी संगठनों ने नीति की दिशा को उचित बताते हुए आगे कार्य की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में देशभर में हुए सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों पर भी चर्चा हुई। पंजाब में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और युवाओं को इससे बाहर निकालने में संघ के प्रयासों, पश्चिम बंगाल में बेटियों की सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों, तथा कुकी और मेथी समुदायों के बीच समन्वय स्थापित कर शांति प्रयासों पर जानकारी साझा की गई। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में आई बाढ़ जैसी आपदाओं में संघ द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया।
आने वाले वर्ष में संघ के शताब्दी समारोह की तैयारी पर भी बैठक में चर्चा हुई। 2 अक्टूबर और दशहरा 2025 पर नागपुर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि देशभर में वर्षभर विविध आयोजन किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई।
यह बैठक संगठन की एकता, समाज सेवा, शिक्षा सुधार और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में संघ की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई।














































