लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
रितु मेहरा की रिपोर्ट
जयपुर। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। भजनलाल सरकार पर गंभीर और संगीन आरोप लगा रहे है। उन्होंने कहा कि मैंने भ्रष्टाचार के कुछ मामले उठाए थे ,50 फर्जी थानेदारों को गिरफ्तार किया गया ।मैं जब कहा कि यह परीक्षा रद्द करो तो सरकार ने मेरी बात नहीं मानी, उल्टा सरकार की तरफ से जैसा गहलोत राज में हुआ करता था वैसा ही हो रहा है। मेरे पीछे सीआईडी लगाई जा रही है और मेरा फोन भी रिकॉर्ड किया जा रहा है । यहां तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में मेरे पर रैली में व्यवधान डालने तक का शक किया गया,मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूं लेकिन सरकार का यह रवैया मेरे प्रति ठीक नहीं है।
फोन टैप किए जा रहे हैं
डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा मेरी सरकार में मेरे फोन टाइप हो रहे हैं। मेरे पीछे सीआईडी भी लगाई गई है। मेरे हर कदम की रिपोर्ट सरकार तक पहुंचती है लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गहलोत सरकार ने भी मेरे टेलीफोन रिकॉर्ड किए थे, सीआईडी लगाई थी ,मैंने सबको चकमा दे दिया ।
न झुकुंगा, न डरूंगा, न रूकुंगा
उन्होंने कहा कि मैं कोई गलत काम नहीं करता इसलिए मैं किसी से डरता नहीं, झुकता नहीं और टूटता भी नहीं मैं सच कहने से नहीं चूकता ,डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने यह बात जयपुर के आमागढ़ मंदिर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही। आपको बता दे की आमागढ़ वही मंदिर है जिसको लेकर डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने गहलोत सरकार के दौरान आंदोलन खड़ा किया था । अमागढ़ आजादी से पहले और जयपुर की स्थापना से पूर्व आंबेर की राजधानी हुआ करता था और आमागढ़ का किला और जो मंदिर है वह मीना शासको का माना जाता है ।इसकी स्थापना मीना शासको ने की थी।
जिन मुद्दों को लेकर सरकार में आए उन्हें बुलाया
डॉक्टर मीणा का आरोप है की हम जिन मुद्दों को लेकर सरकार में आए थे सरकार बनते ही उन मुद्दों को भुला दिया गया है। क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि जब राज बदलेगा तब भ्रष्टाचार करने वालों पर नकेल कसी जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। लेकिन मैं निराश हूं जो आंदोलन पहले राज में मैंने किया, जिनके कारण हम सत्ता में आए, उन मुद्दों पर सरकार काम नहीं कर रही है, उन्हें भुला दिया गया है।
फोन टाइपिंग करो नई बात नहीं
गहलोत सरकार में भी लगे थे फोन टैपिंग के आरोप। गहलोत सरकार के दौरान भी जुलाई 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थकों ने गहलोत सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे। सीएम के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने मीडिया को तीन ऑडियो क्लिप भेजे थे। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की बातचीत होने का दावा किया गया था । मामला विधानसभा में उठा था । मार्च 2021 में गजेंद्र सिंह शेखावत में दिल्ली मुकदमा दर्ज करवाया लोकेश शर्मा इस मामले में सरकारी गवाह बन चुके हैं सुनवाई कोर्ट में चल रही है।
बगावती तेवरों के लिए जाने जाते हैं किरोड़ी
किरोड़ी मीणा का इतिहास बगावती रहा देखा जाए तो डॉक्टर मीना शुरू से ही बगावती है। बगावत करते रहे हैं जब वर्ष 2003 में वह वसुंधरा राज्य सरकार में खाद्य मंत्री थे तब भी उन्होंने गुर्जर आंदोलन के दौरान गुर्जरों को ST में शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध कर कैबिनेट मंत्री पर छोड़ दिया था। खुले बगावत की थी। उसके बाद जब उन्होंने अपनी पार्टी बनाई तब उनकी पत्नी गोलमा देवी गहलोत सरकार में मंत्री बन गई । इस दौरान भी उनकी गहलोत सरकार से नहीं बनी और फिर उन्होंने बगावत कर दी। गोलमा देवी को मंत्री पर छोड़ना पड़ा। फिर भाजपा सरकार आ गई फिर गहलोत सरकार आई, गहलोत सरकार के दौरान भी वे पूरे 5 साल तक सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाते रहे। चाहे कोई सा भी मुद्दा हो वह तुरंत धरने पर बैठने, आंदोलन करते , भले ही उसमें बीजेपी का अलग स्टंट रहा हो। लेकिन डॉक्टर लाल मीणा का हमेशा ऐसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ ही आंदोलन रहा। अब जब अपनी पार्टी में वह कैबिनेट मंत्री है तो उन्होंने शुरुआती दौर में ही अपने इरादा स्पष्ट कर दिया। यही कारण है कि डॉक्टर किरोडी लाल मीणा लंबे समय से मंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कह रहे हैं । यहां तक की विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने मंत्री की ओर से दिए जाने वाले सवालों के जवाब देने में भी असमर्थता जारी करते हुए सदन की कार्यवाही से अवकाश ले लिया। अब सरकार पर फोन टैफिंग का आरोप करूंगा विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा दे दिया।





















































