ओडिशा के वर्ल्ड स्किल सेंटर से राजस्थान को सीखने की जरूरत

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 

ITI से लेकर B.Tech तक युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण, देश-विदेश में रोजगार के अवसर

भुवनेश्वर से नीरज  मेहरा  की रिपोर्ट 

भुवनेश्वर। राजस्थान में बेरोजगारी और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की चुनौती के बीच ओडिशा का World Skill Center (WSC), भुवनेश्वर एक ऐसा मॉडल सामने रखता है, जिसमें शिक्षा को सीधे उद्योग की जरूरत, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की कोशिश की गई है।

जयपुर से आए पत्रकारों के दल को World Skill Center के अधिकारियों ने संस्थान की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण मॉडल, उद्योगों से जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की जानकारी दी। संस्थान की COO संतोषी साहू और प्रिंसिपल शुभंकर किशोर दास ने बताया कि WSC का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसी तकनीकी दक्षता देना है जिससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे रोजगार के लिए तैयार हों।

2021 में शुरू हुआ World Skill Center

ओडिशा सरकार के Skill Development and Technical Education Department के तहत Odisha Skill Development Authority के माध्यम से World Skill Center की शुरुआत 5 मार्च 2021 को हुई। इसके निर्माण में Asian Development Bank का सहयोग रहा और सिंगापुर के Institute of Technical Education Services (ITEES) को ज्ञान साझेदार बनाया गया। इस पर करीब 915 करोड रुपए खर्च हुआ.

संस्थान में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर जोर है। WSC मुख्य रूप से ITI और Polytechnic से आने वाले विद्यार्थियों को उन्नत प्रशिक्षण देकर उन्हें देश और विदेश के रोजगार बाजार के लिए तैयार करता है।

ITI को लेकर सोच बदलने की कोशिश

संस्थान के अधिकारियों के अनुसार देश में ITI को लेकर अक्सर यह धारणा रहती है कि इसमें जाने वाले विद्यार्थी केवल सीमित तकनीकी काम तक ही रह जाते हैं। WSC इसी सोच को बदलने का प्रयास कर रहा है।

यहां विद्यार्थियों को मशीनों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, कम्युनिकेशन, कार्यस्थल के व्यवहार और उद्योग की वास्तविक जरूरतों से परिचित कराया जाता है। लक्ष्य यह है कि विद्यार्थी केवल परीक्षा पास करने वाला अभ्यर्थी न रहे, बल्कि कंपनी में काम करने के लिए तैयार तकनीकी कर्मचारी बने।

उद्योग की जरूरत पूछकर तैयार होते हैं कोर्स

World Skill Center की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक उद्योगों के साथ उसका जुड़ाव है। अधिकारियों के मुताबिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करते समय यह समझने पर जोर दिया जाता है कि आने वाले वर्षों में उद्योगों को किस प्रकार के तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी।

इसी आधार पर Vertical Transportation, Mechanical & Electrical Services, Mechatronics, Electrical Technology, Air Conditioning & Refrigeration, Precision Engineering, Healthcare Assistant Training तथा Beauty & Wellness जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में संस्थान की वेबसाइट पर आठ उन्नत कार्यक्रमों का उल्लेख है।

कुछ पाठ्यक्रमों में 10+2, ITI या Diploma की योग्यता के आधार पर प्रवेश मिलता है, जबकि कुछ इंजीनियरिंग स्तर के कार्यक्रमों के लिए B.E./B.Tech अथवा संबंधित योग्यता निर्धारित है।

100 % प्लेसमेंट में मजबूत रिकॉर्ड

WSC के प्लेसमेंट मॉडल का सबसे बड़ा पक्ष यह है कि प्रशिक्षण को कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया से जोड़ा गया है। हालांकि पूरे संस्थान के लिए हर बैच में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट कहना सही नहीं होगा।

ओडिशा Economic Survey 2025-26 में WSC के 2021 से 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न बैचों का प्लेसमेंट 82 प्रतिशत से 99 प्रतिशत के बीच रहा। नवंबर 2021 बैच में 213 प्रमाणित विद्यार्थियों का 82%, सितंबर 2022 में 347 विद्यार्थियों का 94%, मार्च 2023 में 399 का 90%, नवंबर 2023 में 909 का 97%, मार्च 2024 में 233 का 99% और सितंबर 2024 में 1,220 विद्यार्थियों का 92% प्लेसमेंट दर्ज किया गया। इसी रिपोर्ट के अनुसार संस्थान की वार्षिक प्रशिक्षण क्षमता बढ़कर करीब 4,000 विद्यार्थियों तक पहुंच गई है और 232 से अधिक विद्यार्थी विदेशों में प्लेस हुए हैं।

वहीं, कुछ विशेष कार्यक्रमों में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट भी दर्ज हुआ है। उदाहरण के तौर पर Vertical Transportation के पहले बैच के 81 विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट मिला और Johnson Lifts तथा Schindler जैसी कंपनियों में उनका चयन हुआ।

सिंगापुर तक पहुंच रहा ओडिशा का हुनर

World Skill Center की ट्रेनिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अंतरराष्ट्रीय exposure भी है। संस्थान के चयनित विद्यार्थियों को Singapore Internship Programme के तहत छह महीने की paid internship का अवसर मिलता है। WSC के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विदेशी कार्यसंस्कृति, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय उद्योग मानकों से परिचित कराना है।

ITE Education Services के अनुसार मार्च 2025 में WSC के 24 graduates ने Singapore में छह महीने की internship शुरू की थी। इन्हें Mechanical & Electrical Services, Mechatronics, Electrical Technology और Vertical Transportation जैसे क्षेत्रों में अवसर मिले।

WSC के अनुसार अब तक इस कार्यक्रम की कई batches Singapore में internship पूरी कर चुकी हैं।

76 लैब और आधुनिक प्रशिक्षण का दावा

संस्थान पक संतोषी साहू ने ने पत्रकारों को बताया कि यहां तकनीकी प्रशिक्षण के लिए आधुनिक laboratories और classrooms की व्यवस्था है। प्रशिक्षण का जोर classroom theory के बजाय practical exposure पर रखा गया है, ताकि विद्यार्थी वास्तविक मशीनों और कार्यप्रणाली को समझ सकें।

WSC के आधिकारिक दस्तावेजों में state-of-the-art laboratories, आधुनिक machinery, specialized तथा future-ready trades और अंतरराष्ट्रीय curriculum को संस्थान की प्रमुख विशेषताओं में गिना गया है।

 

Student Exchange Programme भी मॉडल का हिस्सा

WSC के मॉडल में केवल स्थानीय प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को दूसरे देशों और संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर भी जोर है। आधिकारिक दस्तावेजों में Student Exchange Programme और Singapore Internship Programme का उल्लेख है।

कंपनियां सीधे तलाशती हैं skilled manpower

संस्थान के अधिकारियों के अनुसार उद्योगों की भागीदारी प्रशिक्षण के बाद रोजगार तक सीमित नहीं है। कई कंपनियां campus recruitment के माध्यम से प्रशिक्षित विद्यार्थियों का चयन करती हैं।

इस मॉडल में कंपनियों को प्रशिक्षित और उद्योग की जरूरत के अनुरूप तैयार युवा मिलते हैं, जबकि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय सीधे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलता है।

राजस्थान के लिए क्या सीख?

राजस्थान में ITI, Polytechnic और तकनीकी शिक्षा का बड़ा नेटवर्क मौजूद है, लेकिन चुनौती यह है कि प्रशिक्षण को स्थानीय उद्योगों की वास्तविक मांग और रोजगार से किस तरह जोड़ा जाए।

World Skill Center का मॉडल यह सवाल सामने रखता है कि यदि किसी राज्य में उद्योगों से पहले पूछा जाए कि उन्हें किस तरह के skilled manpower की जरूरत है और फिर उसी अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया जाए, तो तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम की जा सकती है।

WSC की खासियत केवल भवन या आधुनिक मशीनें नहीं, बल्कि industry-linked curriculum, practical training, placement support और international exposure को एक ही व्यवस्था में जोड़ना है।

 

पढ़ाई ऐसी हो कि रोजगार का रास्ता खुले’

WSC के प्रिंसिपल शुभंकर किशोर दास के अनुसार संस्थान की सोच यह है कि पढ़ाई केवल डिग्री या प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विद्यार्थी के सामने रोजगार या आगे के करियर का स्पष्ट रास्ता होना चाहिए।

यही वह बिंदु है जहां राजस्थान जैसे बड़े राज्य के लिए इस मॉडल से सीखने की संभावना दिखाई देती है। यदि ITI और Polytechnic के पाठ्यक्रमों को उद्योगों की भविष्य की मांग से जोड़ा जाए, अत्याधुनिक laboratories उपलब्ध कराई जाएं, trainers को लगातार upgrade किया जाए और कंपनियों को campus recruitment से जोड़ा जाए, तो युवाओं की employability बढ़ाई जा सकती है।

ओडिशा से बाहर के युवाओं के लिए भी अवसर

WSC की शुरुआत मुख्य रूप से ओडिशा के युवाओं के लिए की गई थी, लेकिन अब दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के लिए भी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार सीमित सीटें अन्य राज्यों के युवाओं के लिए रखी जाती हैं।

इससे यह मॉडल केवल ओडिशा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के लिए भी advanced skill training का विकल्प बन सकता है।

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