लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डीजीपी और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में बुलाया
आईआईटी की रिपोर्ट में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल, कोर्ट ने कहा- दो साल में जिस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित नए भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर दायर मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में डीजी आनंद श्रीवास्तव, एसीएस प्रवीण कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले में अब तक हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा।
दो साल में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में पिछले दो वर्षों में जिस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि पुलिस विभाग में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि भवन निर्माण में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
आईआईटी की रिपोर्ट में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट का भी उल्लेख हुआ। रिपोर्ट में भवन निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
कोर्ट ने इस बात पर भी गंभीरता दिखाई कि रिपोर्ट में निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आने के बावजूद फिलहाल मुख्य रूप से रिपेयरिंग वर्क किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने अधिकारियों से भवन की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी ली।
एफआईआर वाले मामलों में जांच आगे बढ़ाने के निर्देश
कोर्ट ने डीजी आनंद श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनके खिलाफ जांच को आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार से भी स्पष्ट जवाब मांगा है कि भवन निर्माण में यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आई है तो उसके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में आईआईटी मुंबई की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की सुनवाई की जाएगी।
अगली सुनवाई में डीजीपी और मुख्य सचिव को रहना होगा मौजूद
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई के दौरान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और मुख्य सचिव को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को भवन की सुरक्षा व्यवस्था का मौके पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने किया हाईकोर्ट भवन का निरीक्षण
सुनवाई के बाद अधिकारियों ने राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित भवन का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान भवन के उन हिस्सों की स्थिति का जायजा लिया गया, जहां संरचनात्मक खतरे की आशंका जताई गई है।
अधिकारियों ने भवन की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को देखा। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर मामला अदालत के सामने है। भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सामने आई रिपोर्टों और एफआईआर के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। अब आईआईटी मुंबई की अंतिम रिपोर्ट और जांच की प्रगति पर अगली सुनवाई में कोर्ट की नजर रहेगी।















































