लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बिना हेलमेट नजर आए मंत्री और भाजपा नेता
हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली वाहन रैली; रामझरोखा से शहीद स्मारक तक लगाए भारत माता के जयकारे, तस्वीरों और वीडियो को लेकर उठे सवाल
रिपोर्ट: तुषार पुरोहित, सिरोही
सिरोही। हर घर तिरंगा अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी की ओर से सिरोही शहर में तिरंगा वाहन रैली निकाली गई। रामझरोखा से शुरू हुई रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शहीद स्मारक पहुंची, जहां देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रैली में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से शहर का माहौल देशभक्तिमय नजर आया।
रैली में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी, जिला महामंत्री एवं तिरंगा यात्रा संयोजक गणपतसिंह राठौड़ सहित कई भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रैली के दौरान ट्रैफिक नियमों की पालना पर उठे सवाल
तिरंगा यात्रा के बीच सामने आई तस्वीरों और वीडियो को लेकर अब यातायात नियमों की पालना पर सवाल उठ रहे हैं। रैली में कुछ भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि कथित तौर पर बिना हेलमेट दुपहिया वाहन पर नजर आए।
तस्वीरों में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी दुपहिया वाहन पर पीछे खड़े होकर तिरंगा लहराते दिखाई दे रहे हैं। वहीं सिरोही प्रधान हंसमुख कुमार भी बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाते नजर आने की बात सामने आई है। यदि तस्वीरों और वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति वास्तविक है, तो यह सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की पालना के लिहाज से सवाल खड़े करती है।
आम वाहन चालकों पर कार्रवाई, नेताओं पर क्या होगा एक्शन?
सिरोही में यातायात पुलिस की ओर से बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले आम वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि राजनीतिक रैलियों के दौरान भी यातायात नियमों की पालना उसी तरह अनिवार्य है या नहीं।
रैली में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बीच यदि बिना हेलमेट वाहन चलाने की स्थिति सामने आई है, तो यह भी सवाल उठता है कि क्या पुलिस की नजर इस पर पड़ी और यदि पड़ी तो क्या कोई कार्रवाई की गई?
शहीद स्मारक पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री के अनुसार, तिरंगा वाहन रैली रामझरोखा से रवाना होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शहीद स्मारक पहुंची। यहां भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए संकल्प लिया।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि तिरंगा देश की आन-बान-शान का प्रतीक है। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान को देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने वाला अभियान बताया।
कांग्रेस पर भी निशाना
रैली के दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कुछ दिन पहले मशाल जुलूस निकालकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। देवासी ने दावा किया कि ढाई साल में सिरोही विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये लाए गए हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी ने तिरंगा यात्रा को राष्ट्र के स्वाभिमान और देशभक्ति का प्रतीक बताया। वहीं यात्रा संयोजक गणपतसिंह राठौड़ ने तिरंगे के तीनों रंगों को त्याग, शांति और समृद्धि का संदेश देने वाला बताया।
अब सवाल नियमों की समान पालना का
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश देना था, लेकिन रैली के दौरान सामने आई तस्वीरों ने यातायात नियमों की समान पालना को लेकर बहस छेड़ दी है।
सवाल यह है कि यदि आम नागरिक के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है, तो क्या राजनीतिक रैली में शामिल जनप्रतिनिधियों पर भी यही नियम लागू होना चाहिए? यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो क्या संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी?
देशभक्ति और राष्ट्रहित के संदेश के साथ निकली यह तिरंगा यात्रा अब यातायात नियमों की पालना को लेकर उठे सवालों के कारण भी चर्चा में है।




















































