लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच शुरू
भरतपुर। भरतपुर की सेवर केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 75 वर्षीय कैदी भुल्लन की सोमवार सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन गंभीर हालत में उन्हें तत्काल आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान भुल्लन पुत्र बुद्धाराम, निवासी महादेव गली, घागरा पाड़ा, बयाना के रूप में हुई है। शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। नियमानुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया है।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया
सेवर थाना प्रभारी सतीश चंद ने बताया कि जेल अधीक्षक से सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी भुल्लन की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर लिया है। मृत्यु के कारणों की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम-1), भरतपुर की निगरानी में की जा रही है।
13 मई को सुनाई गई थी उम्रकैद
भुल्लन को उसके दो बेटों हरिशंकर और पप्पू सहित कुल आठ लोगों के साथ 13 मई को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-1 ने हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद सभी दोषियों को सेवर केंद्रीय जेल भेजा गया था।
दीपावली की रात हुई थी हत्या
यह मामला 23 अक्टूबर 2014 का है। आरोप के अनुसार, दीपावली की रात बयाना निवासी दिनेश अपने परिवार के साथ घर पर भोजन कर रहे थे। उसी दौरान भुल्लन, उसके दोनों बेटे और अन्य आरोपी कथित रूप से हथियारों के साथ घर में घुस गए।
आरोप है कि आरोपियों ने दिनेश के साथ मारपीट की और उन पर फायरिंग कर दी, जिससे उन्हें दो गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल दिनेश को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
ट्रायल के दौरान बढ़े थे आरोपी
पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद एक नाबालिग सहित नौ लोगों के खिलाफ चालान पेश किया था। नाबालिग का मामला बाल न्यायालय में चला। बाद में सुनवाई के दौरान अदालत ने भुल्लन और उसके दोनों बेटों को भी हत्या की साजिश और घटना में कथित संलिप्तता के आधार पर मुकदमे में शामिल किया। ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जांच जारी
पुलिस के अनुसार, जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी की गई है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।















































