लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर में हवा में झूल रहा मंदिर ढहा
जयपुर। राजधानी जयपुर के लाल डूंगरी क्षेत्र में स्थित वह मंदिर, जो पिछले करीब तीन वर्षों से जर्जर हालत में हवा में झूल रहा था, रविवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय मंदिर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का शेष हिस्सा अब भी बेहद खतरनाक स्थिति में है और आसपास के मकानों पर खतरा बना हुआ है।

लोग प्रशासन को शिकायत करके थके
स्थानी निवासियों के अनुसार, मंदिर की जर्जर स्थिति को लेकर नगर निगम, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान करने के बजाय केवल चेतावनी का एक बैनर लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। सुरक्षा कारणों से पिछले तीन वर्षों से मंदिर में पूजा-पाठ भी बंद है।
मंदिर के आसपास घनी आबादी और कई मकान मौजूद हैं। लोगों का कहना है कि यदि मंदिर का बचा हुआ हिस्सा भी गिरता है तो कई घर इसकी चपेट में आ सकते हैं, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। कुछ लोगों ने आगामी नगर निगम चुनावों के मद्देनज़र मतदान के बहिष्कार तक की चेतावनी दी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों ने मांग की है कि मंदिर के शेष जर्जर हिस्से को सुरक्षित किया जाए, क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मंदिर के पुनर्निर्माण की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं ताकि श्रद्धालु फिर से यहां पूजा-अर्चना कर सकें।












































