लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
1.5 लाख महिलाओं से संवाद, 1,588 महिला वॉलंटियर्स सम्मानित
29 जुलाई तक प्रदेशभर में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम, महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की व्यापक पहल
जयपुर | रूपनारायण सांवरिया
राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से प्रदेशभर में ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 से 29 जुलाई 2026 तक चल रहे इस राज्यव्यापी अभियान के तहत सभी पुलिस जिलों में जनजागरूकता और सुरक्षा संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के राज्य स्तरीय समन्वय के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीना तथा सिविल राइट्स शाखा से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नविता खोखर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। 
1.5 लाख महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद
अभियान के तहत जिला स्तर पर आयोजित महा-संवाद कार्यक्रमों में प्रदेशभर की करीब 1.5 लाख महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों में महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार, साइबर अपराध, आत्मरक्षा और पुलिस सहायता से जुड़ी जानकारी साझा की गई।
1,588 महिला वॉलंटियर्स का सम्मान
महिला सुरक्षा को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से उत्कृष्ट कार्य करने वाली 1,588 महिला वॉलंटियर्स को सम्मानित किया गया। इनमें सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, राजीविका समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने महिला सुरक्षा और जागरूकता में सक्रिय भूमिका निभाई।
अभियान के तहत प्रमुख गतिविधियां
राजस्थान पुलिस द्वारा अभियान के दौरान कई स्तरों पर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं—
- पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन और महिला अपराधों पर संवेदनशील कार्रवाई संबंधी प्रशिक्षण।
- बीट स्कीम, कालिका पेट्रोलिंग एसओपी, पोक्सो एक्ट और नए कानूनों की जानकारी।
- आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी छात्राओं और महिलाओं के साथ ऑनलाइन संवाद।
- सुरक्षा सखी, राजीविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, एनसीसी एवं एनएसएस की छात्राओं सहित हजारों महिला वॉलंटियर्स के साथ जनसंवाद।
- स्लम क्षेत्र, ईंट-भट्टों, फैक्ट्रियों, निर्माण स्थलों और कच्ची बस्तियों में जाकर महिला श्रमिकों को गुड टच-बैड टच, सुरक्षा नियमों और वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की जानकारी देना।
- ‘सीनियर्स नॉट अलोन’ योजना के तहत अकेले रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं और दंपतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों का नियमित संपर्क।

मनचलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
डीजीपी के निर्देशानुसार जिला पुलिस अधीक्षकों को महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और एंटी रोमियो स्क्वाड द्वारा सिटी बसों, पर्यटन स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों, मॉल और पार्कों में सादे कपड़ों में डिकॉय ऑपरेशन चलाकर मनचलों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
22 जुलाई को होगी अंतर्विभागीय बैठक
महिला सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए 22 जुलाई को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में महिला एवं बाल विकास, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित 15 से अधिक विभागों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें साझा रणनीति तैयार की जाएगी।
आपात स्थिति में इन हेल्पलाइन का करें उपयोग
राजस्थान पुलिस ने आमजन से महिला सुरक्षा अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए आपात स्थिति में निम्न सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी है—
- महिला गरिमा हेल्पलाइन: 1090
- पुलिस आपातकालीन सेवा: 112
- साइबर हेल्पलाइन: 1930
- महिला हेल्पलाइन: 181
- राजकॉप सिटिजन ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति भी ट्रैक की जा सकती है।
अभियान के समापन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को प्रदेशभर में महिला सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशाल पैदल मार्च और रैलियों का आयोजन किया जाएगा।



















































