लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
धौलपुर। कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार बुधवार को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भभूतीपुरा गांव के श्मशान घाट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। जिले के 9 थाना क्षेत्रों की पुलिस, एसटीएफ, आरएसी और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
जगन गुर्जर की 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर बुधवार को उनका शव पैतृक गांव लाया गया। शव के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
अंतिम संस्कार की सबसे विशेष बात यह रही कि जेल में बंद जगन गुर्जर के तीनों भाइयों को पैरोल पर लाया गया। उन्हें एसटीएफ और पुलिस की कड़ी सुरक्षा में जेल से धौलपुर लाया गया। अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी होने के बाद उन्हें वापस सुरक्षा के बीच जेल रवाना कर दिया गया।
जगन गुर्जर के मुखाग्नि उनके बेटे आशाराम ने दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। गांव में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर पुलिस के नाके लगाए गए थे। श्मशान घाट और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा तथा ड्रोन और अन्य माध्यमों से भी निगरानी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते रहे।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन गुर्जर की कथित रूप से उसी बैरक में बंद एक अन्य कैदी द्वारा गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद प्रदेशभर में सनसनी फैल गई थी। मामले की जांच जारी है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
प्रशासन ने अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद राहत की सांस ली। पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
















































