लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चौमहला (झालावाड़)। क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में चौमहला निवासी डॉ. कपिल मेहर का चयन देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
डॉ. कपिल मेहर, हरनीखेड़ा निवासी एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुण्डला के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री गणेश लाल मेहर के पुत्र हैं। वर्तमान में वे मंदसौर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एजुकेशन एंड रिसर्च, मंदसौर विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्थापित देश का प्रमुख आयुर्वेद शिक्षण, अनुसंधान एवं चिकित्सा संस्थान है। अपनी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं के कारण यह संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान रखता है।
डॉ. मेहर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय से अध्ययन किया तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर से शालाक्य तंत्र (आंख, नाक, कान एवं गला रोग) विषय में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। इसी वर्ष उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में माननीय उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में पीएचडी उपाधि से सम्मानित किया गया।
आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
डॉ. कपिल मेहर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि वे आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, मित्रों, चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों एवं क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

















































